नागिन मारेगी फुंफकार, मिसाइल करेगा वार दीपावली : पटाखों की धमक से गूंजेगा पूरा इलाकामहंगाई के कारण पटाखों की कीमतों में लगी आग इस साल पटाखों की कीमत में 10-20 प्रतिशत की वृद्धि फोटो नं.7संवाददाता, गोपालगंजदीपावली के लिये पूजा सामग्री, पटाखों व अन्य साजो-सामान की खूब बिक्री हो रही है. इसमें चुनरी, माला, मुकुट, रंगीन पन्नी, गोलक, रंगीन प्रकाश उपकरण आदि शामिल हैं. इन सब समानों की भी कीमत में काफी वृद्धि हुई है. महंगाई के बावजूद लोग इस प्रकाश पर्व सह लक्ष्मी पूजा को धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहे हैं. सबसे अधिक भीड़ पटाखों की दुकान पर है. क्योंकि, लोगों को अभी और कीमत बढ़ने का डर सता रहा है. बाजार में पटाखों की किस्म व अनोखे नाम देख कर खरीदारों का आर्कषण बढ़ रहा है. गांवों का बदला नजारा पहले जहां पारंपरिक अंदाज में दीपावली मनाई जाती थी. दीप जलाये जाते थे. उसके बाद दीये की जगह मोमबत्ती ने ले ली. इलेक्ट्रॉनिक सामानों के ताजा दौर में गांवों में भी चमक-दमक बढ़ने लगी है. दीपावली में क्या गांव और क्या शहर, पूरा इलका उजियारे की ओज से जगमग करता है. दो दिन पहले ही घरों में इलेक्ट्रॉनिक बल्ब जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है. गांव के बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक समान की दुकानों पर खरीददारों की सबसे ज्यादा भीड़ वहीं देखी जा रही है. मार्केट से सैकड़ों किस्म के पटाखे है, पर उनमें से कुछ का नाम ही ऐसा है तो ग्राहकों की आंखें उस ओर देखी जा रही है. इनकी खरीदारी भी खूब हो रही है. इसमें चंद्रयान रॉकेट, मिसाइल गन, बुलेट, अनार बम आदि प्रमुख है. चंद्रयान रॉकेट आकाश में तीन सौ से एक हजार मीटर तक जा सकती है. इसी तरह मिसाइल गन की खासियत है कि बंदूक के साथ मिसाइल भी खरीदनी होगी. इस मिसाइल को गन में डालकर फायर करने पर एक मधुर सी आवाज निकलती है और आकाश में जाने के बाद आवाज होती है. बुलेट बम जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है कि इसकी आवाज दमदार होती है. शादी-ब्याह के मौके पर छोड़े जाने वाले अनार बम में रोशनी करने व रंगीन किरणें बिखेरने की खासियत है.पटाखों की बढ़ी कीमत पटाखों का नाम संख्या पहले अब चंद्रयान रॉकेट बड़ा 10 पीस 100 120चंद्रयान रॉकेट छोट 10 पीस 35 45मिसाइल और गन 105 पीस 90 105महुआ लती 10 पीस 15-20 25-30छुरछुरी रंगीन 07 सीएम 10 15-20छुरछुरी रंगीन 10 पीस 20 23छुरछुरी रंगीन 10 पीस 50 60छुरछुरी रंगीन 10 पीस 65 90चटाई बम 40 पीस 10-15 15-25बुलेट बम 10 पीस 30-40 45-50चरखी पटाखा 10 पीस 30-200 70-245अनार बम 10 पीस 50-300 80-380जय -240 और नागिन का क्रेज भी कम नहीं एक बार पटाखे में आग लगायी और आकाश में जाकर 240 धमाके करे तो निश्चित ही नजारा काफी रोमांचक होगा. मार्केट में जय-240 पटाखा की कुछ यही खासियत है. हालांकि यह थोड़ा महंगा है इसकी कीमत 16 सौ से दो जहार के आस पास है. वहीं नागिन पटाखा का आज भी क्रेज है. दुकानों पर जो भी जा रहे है उसे पटाखे की डिमांड कर रहे है. इसके अलावा महुआ, छुरछुरी, चटाई बम, चरखी, चिदंबरम आदि पटाखे भी खूब बिक रहे है. लोगों की माने तो पटाखों की बढ़ी कीमत से दीपावली की खुशी पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाली है. लोग अपनी खुशियों को दोदुने-उत्साह से मानाएंगे.5 करोड़ के बिकेंगे पटाखे जिले में दीपावली के अवसर पर ढ़ाई से तीन करोड़ के पटाखे जलेंगे. थोक दुकानदार असरफ अली की बात माने तो पिछले साल लगभग दो करोड़ की पटाखों की बिक्री हुई थी. इस साल पटाखों की बिक्री में वृद्धि होगी, क्योंकि चुनावी मौसम है. जो जीतेगा वो दोगुनी खुशी मनायेंगा. उसके समर्थक भी ज्यादा उपयोग करेंगे. मौनिया चौक स्थित पटाखा दुकान के दुकानदार धीरज कुमार गुप्ता के अनुसार एक खुदरा दुकानदार एक दीपावली में कम से कम 50 हजार से एक लाख रुपये तक की पटाखे की बिक्री करता है. केवल गोपालगंज शहर में छोटी बड़ी तीन सौ से अधिक दुकाने लगती है. जिले भर की बात की जाये तो कम से कम 800 दुकाने जिले भर में लगती है. ऐसे में बिक्री का अंदाजा खुद से लगाया जा सकता है. दुकानदारों ने बताया कि इस साल हर पटाखे की कीमत में 10-20 फीसदी की वृद्धि हुई है.महंगाई का असर मध्यम वर्ग पर पटाखों की बढ़ी महंगाई को लेकर ग्राहकों का कहना है कि महंगाई बढ़ने का असर गरीब व मध्यम वर्ग पर अधिक पड़ेगा. उनकी खुशियों में थोड़ी कटौती हो जायेगी. हालांकि गरीब हो या अमीर कोई भी इस पर्व व त्योहार को अपनी हैसियत के हिसाब से मना ही लेता है. खरीदारी के लिये पहुंचे बड़ी बाजार निवासी विनोद कुमार गुप्ता का कहना था कि यह त्योहार बच्चों की खुशियों के साथ कॉम्प्रोमाइज करना अच्छा नहीं लगता. पुरानी चौक निवासी धनंजय सिंह का कहना था कि कोई भी त्योहार साल में एक बार आता है ऐसे में हर कोई अपने हिसाब से मना ही लेता है. महंगाई की मार खुशियों को कतई कम नहीं कर सकती है.बिना लाइसेंस पटाखा बेचने पर रोक जिला प्रशासन के द्वारा बिना लाइसेंस के पटाखा बेचे जाने पर रोक लगा दी गयी है. बिना लाइसेंस के पटाखा बेचे जाने की स्थिति में अनुमंडल पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के द्वारा कार्रवाई की जा सकती है. ऐसी स्थिति में पटाखा का कारोबार करने वाले व्यवसायी आगामी 9 नवंबर तक जिला शस्त्र पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन देकर पटाखा बिक्री की अस्थायी लाइसेंस प्राप्त कर सकते है. ऐसा नहीं किये जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
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