हथुआ में सभी दलों को मिला है प्रतिनिधित्व का मौका हथुआ. हथुआ विधानसभा क्षेत्र से लगभग सभी राजनीतिक दलों को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. 2005 में नये परिसीमन के बाद मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तित होकर बने नये हथुआ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने लगभग पांच बार जीत हासिल की है. सर्वाधिक 15 साल विधायक रहने का रेकाॅर्ड प्रभुदयाल सिंह के नाम से है. उन्होंने वर्ष 85 में कांग्रेस, 90 में निर्दलीय व वर्ष 2000 में समता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की. निवर्तमान विधायक तीन बार चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन एक बार विधानसभा भंग हो जाने के कारण उनकी कार्य अवधि 10 वर्ष ही रही है. तीनों चुनाव जीतने के समय उनकी पार्टी भाजपा की सहयोगी पार्टी रह चुकी है. हथुआ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने अब तक सिर्फ एक बार ही अपने सिंबल से चुनाव लड़ा है. जब 1995 में भाजपा के ब्रजनंदन जायसवाल ने चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें मात्र लगभग 8 हजार वोट पा कर ही संतोष करना पड़ा था. इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रजा सोसलिस्ट पार्टी के पंडित प्रभुनाथ तिवारी व जनता पार्टी के पंडित राजमंगल मिश्र जैसे कर्मयोगी व विकास पुरुष भी कर चुके हैं. इस क्षेत्र के प्रथम विधायक बनने का सौभाग्य कांग्रेस के जनार्दन प्रसाद सिंह को प्राप्त है. जब उन्होंने वर्ष 1952 व वर्ष 1957 में प्रथम व द्वितीय आम चुनाव में लगातार जीत का परचम लहराया था. आरएसपी के सियाबिहारी श्रीवास्तव ने वर्ष 67 में, कांग्रेस के अनंत प्रसाद सिंह ने वर्ष 69 व वर्ष 72 में, जनता पार्टी के भवेशचंद्र श्रीवास्तव ने वर्ष 77 में चुनाव जीत कर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. कई चुनाव हारने के बाद सहानुभूति लहर में सीपीएम के कामरेड विश्वनाथ सिंह भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं. वर्तमान समय में हथुआ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है. इस विधानसभा चुनाव में हथुआ से कुल 15 प्रत्याशी मैदान में थे. मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है. मतदान बाद क्षेत्र के मतगणना तिथि 8 नवंबर का बेसब्री का इंतजार कर रहे हैं.
हथुआ में सभी दलों को मिला है प्रतिनिधत्वि का मौका
हथुआ में सभी दलों को मिला है प्रतिनिधित्व का मौका हथुआ. हथुआ विधानसभा क्षेत्र से लगभग सभी राजनीतिक दलों को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. 2005 में नये परिसीमन के बाद मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तित होकर बने नये हथुआ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने लगभग पांच बार जीत हासिल की है. सर्वाधिक 15 […]
