अब अधिक समय तक खुशबू देगी रसोई

गोपालगंज : उत्तर बिहार की थाती काला नमक धान. स्वाद और खुशबू में लाजबाब. पोषक तत्वों (अन्य प्रजातियों की तुलना में जिंक एवं आयरन अधिक) से भरपूर. काला नमक 2009 में कालानमक की बौनी प्रजाति केएन-3 के बाद कालानमक-101 और 102 नामक प्रजातियों को भी बाजार मेंं आ गया है. केएन-3 की तुलना में पकने […]

गोपालगंज : उत्तर बिहार की थाती काला नमक धान. स्वाद और खुशबू में लाजबाब. पोषक तत्वों (अन्य प्रजातियों की तुलना में जिंक एवं आयरन अधिक) से भरपूर. काला नमक 2009 में कालानमक की बौनी प्रजाति केएन-3 के बाद कालानमक-101 और 102 नामक प्रजातियों को भी बाजार मेंं आ गया है.

केएन-3 की तुलना में पकने का समय 10 दिन पहले और उपज डेढ़ गुना (प्रति एकड़ करीब 18-20 कुंतल) इसकी खूबी है.प्रदेश सरकार ने लगातार तीन साल तक अपने रीजनल एग्रीकल्चरल टेस्टिंग एंड डिमांस्ट्रेशन सेंटर पर परीक्षण के बाद अधिसूचना के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को भेज दिया है.

लिहाजा उपज, सुगंध और पोषक तत्वों से भरपूर नयी प्रजाति अब अधिक समय तक आपकी रसोई में सुगंध बिखेरेगी.समय की अनदेखी हुई तो खेत महकेगा रसोई नहींमौजूदा प्रजाति को विकिसत करनेवाले डाॅ आरसी चौधरी के अनुसार नर्सरी डालने का सही समय जून के अंतिम से लेकर जुलाई का पहला हफ्ता है. रोपाई जुलाई के अंतिम से लेकर अगस्त के पहले हफ्ते में करें.चूंकि यह प्रजाति प्रकाश अवधि के प्रति संवेदनशील होती है.

बाली निकलते समय इसे 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए. तापमान का यह स्तर अमूमन अक्तूबर के अंतिम हफ्ते में होता है. पहले बोआई करने पर समय से पहले बाली निकलने पर पत्तियां सुगंध बनाती, पर वह दानों में नहीं एकत्र होता. इस तरह खेत-खलिहान तो महकेगा लेकिन रसोई नहीं. देर से बोआई करने पर सुगंध तो मिलेगी पर उपज मारी जायेगी.बीज दर, नर्सरी डालनेद और रोपाई का तरीका-बीज प्रति हेक्टेअर 30 किग्रा.

एक हेक्टेअर की नर्सरी के लिए भूमि करीब एक हजार वर्गमीटर.-नर्सरी डालने के बीज को 12 घंटे भिगोएं. छान कर फर्श या टाट के बोर पर 24 घंटे तक अंकुरित करने के लिए रखें. फिर नर्सरी डालें.-जिस खेत में नर्सरी डालना है उसमें 5 क्विंटल कंपोस्ट या 8:5:5 के अनुपात में एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटास) डालें- 3.5 किग्रा जिंक भी डाल सकते हैं.

करीब एक माह बाद नर्सरी के पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं.-रोपाई के पूर्व प्रति हेक्टेयर 6-10 टन कंपोस्ट, दो क्विंटल नीम की खली या 60:30:30 के अनुपात में एनपीके डालें. साथ में 25 किग्रा जिंक का भी प्रयोग कर सकते हैं.- एक साथ 2-3 पौधों की रोपाई करें.

लाइन-लाइन और पौध-पौध की दूरी क्रमश: 20 और 15 सेंटीमीटर रखें.-बाली निकलने के 30 दिन बाद फसल काट लें. मडाई के बाद धूप में तब तक सुखाएं जब तक उसके दाने दांत में दबाने पर दो टुकडों में टूट न जाये.- इसके बाद इसका भंडारण करें. सुखाते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि रात में उसे खुले आसमान के नीचे फैला कर न छोड़ें.

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