हादसा : वर्षों से जर्जर है दोमंजिला मकानछत गिरी, मलबे में भाई-बहन दबेहालत गंभीर, गोरखपुर से लखनऊ किये गये रेफर शुक्रवार की देर रात में गिरी थी जर्जर मकान की छत फोटो न. 1 संवाददाता, गोपालगंज शहर के रामनरेश नगर मुहल्ले में गायत्री मंदिर के पास जर्जर हो चुके दोमंजिले मकान की छत गिरने से भाई और बहन मलबे में दब गये. यह हादसा शुक्रवार की रात उस समय हुआ, जब दोनों भाई-बहन मकान के निचले तले पर सो रहे थे. छत गिरने की आवाज सुन कर लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल गये. मुहल्ले के लोग मलबे में दबे भाई-बहन को बचाने के लिए जुट गये. कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ कर दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया. उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया, जहां चिकित्सक ने युवती की हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया. गायत्री मंदिर के पास किराये के मकान में निजी नर्सिंग होम की नर्स की पुत्री नैना खातून और पुत्र छोटू रहते थे. जिस मकान में दोनों रहते थे, वह वर्षों से जर्जर था. रात में खाना खाने के बाद दोनों अपने कमरे में सो रहे थे. करीब 10.11 बजे अचानक मकान की ऊपरी मंजिल की छत नीचे गिर गयी. ग्राउंड फ्लोर में सो रहे भाई – बहन मलबे में दब गये. दोनों इस कदर घायल थे कि मदद के लिए भी आवाज देने लायक तक नहीं थे. आसपास के लोग हल्ला कर राहत व बचाव कार्य में जुट गये. समाजसेवी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि दरवाजा और खिड़की को तोड़ कर दोनों को बाहर निकाला गया. उधर, नगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी. पुलिस की मदद से दोनों को अस्पताल लाया गया. गंभीर रूप से घायल नैना खातून की हालत नाजुक बनी है. गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से शनिवार को बेहतर इलाज के लिए पीजीआइ लखनऊ रेफर कर दिया गया है.
हादसा : वर्षों से जर्जर है दोमंजिला मकान
हादसा : वर्षों से जर्जर है दोमंजिला मकानछत गिरी, मलबे में भाई-बहन दबेहालत गंभीर, गोरखपुर से लखनऊ किये गये रेफर शुक्रवार की देर रात में गिरी थी जर्जर मकान की छत फोटो न. 1 संवाददाता, गोपालगंज शहर के रामनरेश नगर मुहल्ले में गायत्री मंदिर के पास जर्जर हो चुके दोमंजिले मकान की छत गिरने से […]
