हथुआ को मिले जिला का दर्जा प्रभाता चौपाल : विधानसभा चुनाव से युवा मतदाताओं को हैं कई उम्मीदेंचुनाव के शोर में इस बार तंत्र-मंत्र से लेकर तांत्रिकों के चक्कर में लोकतंत्र को दागदार किया जा रहा है. चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर चर्चा तक नहीं हो रही है. हथुआ की बंद पड़ी चीनी मिल के अलावा सवेया स्थित ऐतिहासिक हवाई अड्डा जैसे गंभीर मुद्दे गौण हो गये हैं. हथुआ के सवेया हवाई अड्डे से घरेलू विमान की सेवा उपलब्ध हो जाये, तो सिर्फ गोपालगंज ही नहीं बल्कि उत्तर बिहार से दिल्ली, चेन्नई जैसे बड़े शहर जुड़ जायेंगे. यातायात के साथ एक बेहतर माहौल बनेगा. लेकिन, यहां तो मुद्दों की बात तक करने का वक्त नेताओं के पास नहीं है. जब नुमाइंदे खामोश हो तो मतदाता क्या करेंगे. प्रभात खबर के द्वारा आयोजित चौपाल कार्यक्रम में हथुआ के प्रबुद्ध लोगों ने खुल कर अपना विचार रखा. फोटो-39संवाददाता, हथुआहथुआ विधानसभा क्षेत्र का अपना नामकरण, तो हुआ लेकिन विधानसभा के नाम पर हथुआ में अभी विकास के कोई कार्य नहीं हो पाया है. राजमंगल मिश्र के इस विधानसभा क्षेत्र में सामान्य रूप से लोगों ने पेट भरने और जीने की कला सीख ली है. यहां आजादी की जंग गांधी सेवा आश्रम से प्रभुनाथ तिवारी जैसे लोगों ने छेड़ी, लेकिन हथुआ नगर पंचायत के दर्जे से भी परे है. चौथे चरण में विधानसभा का चुनाव एक नवंबर को होना है. इस चुनाव से लेकर युवा मतदाताओं में बड़ी उम्मीद है. इस बार यहां के मतदाता सड़क, पानी, बिजली की बड़ी उम्मीद लिये हैं. शिक्षा व्यवस्था कृषि की अत्याधुनिक सुविधा को लेकर हथुआ को स्मार्ट सिटी बनाने के साथ जिला बनाना इनकी बड़ी उम्मीदें हैं. यहां स्कूल, कॉलेज हैं, लेकिन मुलभूत सुविधाओं की अभाव है. भ्रष्टाचारमुक्त, अपराधमुक्त शासन-प्रशासन भी इनकी बड़ी उम्मीदें हैं. इस बार के चुनाव में व्यवसायी और ग्रामीण मतदाताओं ने संकल्प लिया है कि वे वैसे विधायक का चुनाव करेंगे, जो हथुआ को न सिर्फ स्मार्ट सिटी बनाये, बल्कि 21वीं सदी के अत्याधुनिक विकास की चर्चाओं को वास्तव में धरातल पर उतारे. चौपाल में आयीं प्रमुख बातें- हथुआ के गांधी सेवा आश्रम को विकसित किया जाये. – हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था हो.- हथुआ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अभी से ही पहल की जाये.- पर्यटन स्थल के रूप में ऐतिहासिक गोपाल मंदिर को विकसित किया जाये.- बांसुरी उद्योग को सरकारी पैकेज देकर विकसित किया जाये.- हथुआ बाजार की जर्जर सड़कों को पीसीसी में परिवर्तित किया जाये.- मीरगंज को स्वच्छ बनाने के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया जाये.- हथुआ एएनएम प्रशिक्षण कॉलेज को विकसित कर हाइटेक बनाया जाये. क्या कहते हैं मतदाताहथुआ की पहचान जिला स्तर की है. इसे जिला का दर्जा मिलना चाहिए. अब तक शिक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं. वोट करते समय इसका भी ध्यान रखा जायेगा. वोट हथुआ के विकास के नाम पर दिया जायेगा. फोटो- 40, लक्ष्मण प्रसाद गुप्ताहथुआ को बड़े बाजार के रूप में विकसित किया जाये, ताकि रोजगार का बड़ा अवसर मिले, तब विकास खुद हो जायेगा. यहां असिम संभावना के बाद भी मुट्ठी भर लोगों का उस पर कब्जा बरकरार है. उसे मुक्त करना होगाफोटो- 41, शशिभूषण प्रसादहथुआ अनुमंडलीय अस्पताल के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे बाहर मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में सुविधा मिल सके. हथुआ में एक बेहतर माहौल बनाने की जरूरत है. फोटो- 42, भागवत साह अपराध पर काबू हो, सरकारी कार्यालय भ्रष्टाचार से मुक्त हो तथा शिक्षा एवं व्यवसाय के साथ रोजगार की व्यवस्था करनेवाला विधायक एवं सरकार होनी चाहिए. जनता के दुख-दर्द को सरकार उठानेवाला विधायक हो. फोटो-43, कमलेश यादवप्रखंड स्तर पर उच्च शिक्षा संस्थान की व्यवस्था होनी चाहिए. सड़क, बिजली की व्यवस्था के साथ व्यवसायियों की सुरक्षा निश्चित हो, ताकि युवा रोजगार कर सके. युवाओं को रोजगार के लिए बैंकों से सस्ती दर पर ऋण की व्यवस्था हो. फोटो-44, रामाधार चौहानअबतक यहां किसानों के लिए कुछ भी नहीं हुआ है. किसानों के लिए विशेष रणनीति बने, ताकि कृषि को व्यवसाय समझ कर वे ठीक से काम करें और उनका विकास हो. किसानों के लिए खेतों में पानी एवं बिजली की व्यवस्था हो. वैसे विधायक को वोट देना होगा. फोटो- 45, नजीर
हथुआ को मिले जिला का दर्जा
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