गोपालगंज : चर्चित केशवपुर कांड में चौथे दिन भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. थावे पुलिस अब पुलिस खुफिया रिपोर्ट के भरोसे है. पुलिस के मुताबिक लुटेरों को मारने के लिए भीड़ में शामिल लोगों की पहचान गुप्त तरीके से करायी जा रही है. इसके साथ ही लूट की राशि को बरामद करने के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी चल रही है. गांव से अधिकतर ग्रामीण घटना के बाद से भूमिगत हैं. गोली लगने की अफवाह उड़ानेवाला यासीर भी उसी दिन से गायब है.
उस पर कुछ ही दिन पहले मारपीट और सड़क जाम करने जैसे आरोप लगे थे. उधर, पुलिस के वरीय अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं. आखिर दोनों युवकों की हत्या किसने की, इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करना पुलिस के लिए चुनौती साबित होगी. केशवपुर कांड में पुलिस को अबतक एक पिस्तौल और कारतूस हाथ लगे हैं.
पशु कारोबारी के पास से लूटे गये 13 हजार रुपये भी बरामद नहीं हो सके हैं. पांच सौ अज्ञात पर दर्ज है प्राथमिकी24 अक्तूबर को थावे थाने के केशवपुर गांव में बड़हरिया के पशु कारोबारी रहमतुल्लाह से लूटपाट करने के आरोप में सीवान जिले के बड़हरिया थाने के नबीहाता कईल टोले के टुनटुन साह के बेटे चंदन साह और सारण जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र के सोही शाहपुर गांव के चितरंजन सिंह के पुत्र गुड्डू सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी, जबकि नगर थाने के सेमरा गांव के एक युवक गंभीर रूप से घायल था. वह गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जीवन और मौत से जूझ रहा है. पुलिस ने इस कांड में दो अलग- अलग प्राथमिकी दर्ज की. थानाध्यक्ष पंकज कुमार के बयान पर अज्ञात पांच सौ ग्रामीणों को हत्या का अभियुक्त बनाया गया, जबकि पशु कारोबारी के बयान पर लुटेरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. अबतक की जांच में पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है और न ही लूट के रुपये बरामद किये जा सके हैं.
