करवा चौथ : समर्पण और सौम्यता दिखेंगी साथ, सुहागिनें करेंगी सोलह शृंगार पूजन और साज सामग्री से पट गये शहरी और ग्रामीण बाजार रेडीमेड के साथ ही थान के कपड़ों की बिक्री बढ़ी, दुकानाें में रौनकत्याेहार की विशेषता : सनातन धर्म में षोडश शृंगार की प्राचीन परंपरा रही है.
आदि काल से ही सुहागिनें सौंदर्य प्रसाधन को लेकर व्यापक झुकाव रखती हैं. प्रसाधिकाओं का एक वर्ग आदि काल से ही सौम्यता और समर्पण के साथ शृंगारों से सुसज्जित होकर पर्व विशेष पर पति-परमेश्वर में अपनी आस्था व्यक्त करता है. करवा चौथ को लेकर महिलाएं खास कर नवविवाहिता पूरे उत्साह में हैं. प्राणनाथ की सलामती के त्योहार में उनका सोलह शृंगार घर में सुख और समृद्धि तो लाता ही है, पवित्रता और दिव्यता के हिसाब से भी यह अगाध प्यार का वाहक बनता है. सौभाग्य के लिए रखे जाने वाले व्रत में अर्द्धांगिनी होने का अहसास पूरे शबाव पर होता है.
गोपालगंज : अंगशुची, मंजन, वसन, मांग, महावर, केश. तिलक भाल, तिल चिबुक में, भूषण मेंहदी वेश, मिस्सी काजल अरगजा, वीरी और सुगंध. पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों द्वारा रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ की तैयारी जिले भर में जोरों पर है. गांव-देहात से लेकर शहर तक महिलाएं सोलह शृंगार के सामान की खरीदारी में व्यस्त हैं. पवित्रता व समर्पण के इस त्योहार में कपड़ों की खरीदगी तेजी है. नयी रेंज और आकर्षक डिजाइन की साड़ियों व कपड़ों से दुकानें पट गयी हैं. कंप्यूटर से बननेवाली डिजाइन जैसे एंब्रायडरी व नक्काशी वर्क की साड़ियों व कपड़ों की डिमांड काफी है. ब्रांडेड शे रूम के अलावा छोटे दुकानदारों में स्कीम, उपहार और कूपन देकर बिक्री बढ़ाने की होड़ लगी है. कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि रेडीमेड के साथ ही थान के कपड़ों की बिक्री भी खूब हो रही है. सलवार-कुरते और सूट सिलवा कर पहनने वालों को भी बड़ी तादाद है. बाॅर्डर वाली हैवी वर्क की साड़ियां डिमांड में : करवा चौथ पर ज्यादातर महिलाएं साड़ी पहनना पसंद करती हैं.
इस बार हैवी बाॅर्डर और दो तीन फैब्रिक वाली साड़ियों की चलन जोरों पर है. मौके को देखते हुए लाल, हरी और पीले रंग की साड़ियों की मांग ज्यादा है. एसेसरीज और ज्यूलरी पर जोर : महिला प्रसाधनों के लिए एक से बढ़ कर एक एसेसरीज बाजार में छायी हुई हैं. इसमें विंग्स स्टाइल वाली इयर रिंग तो महिलाएं को खूब लुभा रही हैं. परंपरागत गहनों की खरीदारी ज्यादा हो रही है. इसमें कान के झुमके, घुंघरुओं वाली बालियां, नथ आदि शामिल हैं. पायल और पाजेब की भी खूब मांग है.
पांचों अंगुलियों में पहने जाने वाली बीछिया से जुड़ी पायल का नवविवाहिताओं में खास क्रेज है. डलिया और गौरा-पार्वती के कई रूप : करवा चौथ पर व्रत की डलिया को भी आकर्षक रूप में बाजार में उतारा गया है. इसके साथ मिलने वाले सामान जैसे लाल चूड़ियां, आदना, कंघी, आलता, सिंदूर आदि को भी नयी सजावट के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है. गुझिया का है विशेष महत्व : व्रत की डलिया में चढ़ाने वाले पकवानों में गुझिया का विशेष महत्व रहता है. खोवा की गुझिया के अलावा केसरिया, बादाम, पिस्ता, रसभरी गुझिया भी बाजार में नजर आ रहे है. मिठाई दुकानदारों ने त्योहार के लिए अलग से तैयारी कर रखी है.
