चुनावी मुद्दा - बैकुंठपुर को है बैकुंठधाम का इंतजार

चुनावी मुद्दा – बैकुंठपुर को है बैकुंठधाम का इंतजार नारायणी के किनारे बैकुंठधाम बनाने के लिए किया गया था वादाडुमरिया घाट पर प्रतिदिन तीन दर्जन शव का होता है अंतिम संस्कारइलेक्ट्रानिक शवदाहगृह बनाये जाने से ही नारायणी की रहेगी निर्मलताफोटो-35 बैकुंठपुर विधानसभासंवाददाता, महम्मदपुरनारायणी नदी की कल कल करती धारा अपने निर्मलता का प्रतिक है. अपने […]

चुनावी मुद्दा – बैकुंठपुर को है बैकुंठधाम का इंतजार नारायणी के किनारे बैकुंठधाम बनाने के लिए किया गया था वादाडुमरिया घाट पर प्रतिदिन तीन दर्जन शव का होता है अंतिम संस्कारइलेक्ट्रानिक शवदाहगृह बनाये जाने से ही नारायणी की रहेगी निर्मलताफोटो-35 बैकुंठपुर विधानसभासंवाददाता, महम्मदपुरनारायणी नदी की कल कल करती धारा अपने निर्मलता का प्रतिक है. अपने गौरवमयी इतिहास को अपने में समेटे हुए नारायणी लोगों की मोक्षदायनी बनी हुई हैं. विष्णु पुराण इस बात का साक्षी है कि नारायण्ी दर्शन मात्र से मनुष्य के सारे पाप नाश हो जाते हैं. नारायणी नदी मे ही शालिग्राम वास करते है. यहां से ही पूरे देश को कसौटी की पत्थर प्राप्त होती है. आज नारायणी के निर्मलता के साथ साशन प्रसाासन और आम आदमी अत्याचार कर रहा हैं. हम आपको ले चलते है डुमरिया घाट पर. जहां पुल के नीचे खड़ा होकर देखिये. आपको वह दृष्य दिखेगा जिसका कल्पना आप नहीं कर सकते. यहंा अधजले शव को नदी मंे प्रवाह कर दिया जाता है. कैसे बचेगी नारायणी की निर्मलता. पिछले कई चुनावों से यहां इलेक्ट्रोनिक शवदाहगृह बनाने का वादा किया गया. चुनाव के समय नारायणी की पीड़ा नेताओं को याद आती हैं. चुनाव के बाद सरकार मंे काफी करीब होने के बाद भी शवदाहगृह की बात भुला दी जाती है. गरीब लोगों के पास इतना पैसा भी नहीं होता कि वे शव जलाने के लिए पर्याप्त लकडि़या खरीद सके. लकड़ी की कमी के कारण ही यहां शव को अध जले स्थिति में नदी मंें बहा देना मजबूरी बन जाता हैं. शवदाहगृह बनता तो लोगों की मृत शरीर को भष्म बनाने में आसानी होती . एवं पर्यावरण भी सुरक्षित रहता. लोक सभा चुनाव में भी भाजपा की तरफ से शवदाहगृह बनाने की वादा किया गया था. लोकसभा चुनाव के बिते भी एक साल बित गये. आज तक लोगों को यहां बैकुंठधाम का इंतजार रह गया. क्या कहते है आम आदमीचुनाव में हर दल को बैकुंठधाम बनाने की याद आती है. अगर प्रयास किया गया होता तो डुमरिया घाट पर जरूर बैकुंठधाम का इंतजाम हुआ रहता. चुनाव जितने के बाद किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया. अपने वादा को भी भूला दिया गया. इस बार चुनाव में जनता हिसाब मांगेगी.फोटो-36,मुन्ना प्रसाद क्या कहते है विधायकडुमरिया में बैकुंठधाम बनाने का वादा मैने कभी नहीं किया. मैं वहा बैकुंठधाम बनाने के लिए सरकार के स्तर पर पूरी तैयारी कर लिया था. विस चुनाव के बाद डुमरिया में शवदाहगृह बनाने का काम पूरा होगा. इसमें नया कुछ नहीं करना है. सब कुछ पहले हो चुका हैं.फोटो-37, मंजीत कुमार सिंह, विधायक

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