तीसरे चरण के प्रचार में भाजपा ने झोंकी ताकतसंवाददाता, पटनातीसरे चरण के चुनाव प्रचार में भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी है. इस चरण में 50 सीटों पर 28 अक्टूबर को मतदान होना है. प्रधानमंत्री की आठ रैलियों के अलावा एनडीए की 250 सभाएं होंगी. प्रधानमंत्री की 25, 26 व 27 अक्तूर को आठ जगहों पर सभाएं होंगी. दुर्गा पूजा की वजह से तीन दिन प्रचार कार्य बाधित भी रहेगा. औसतन एक विधान सभा क्षेत्र में पांच सभाएं होंगी. भाजपा प्रधानमंत्री की सभा की तैयारी में जुट गयी है. प्रधानमंत्री की सभा को लेकर महागंठबंधन की ओर से साधे जा रहे निशाने को लेकर भाजपा पीएम की ताबड़तोड़ सभाएं करना चाहती हैं, ताकि महागंठबंधन को माकूल उत्तर दिया जा सके. प्रधानमंत्री की 25 अक्टूबर को तीन सभाएं-महौरा, हाजीपुर और बिहारशरीफ में तथा 26 को दो सभाएं बक्सर और सीवान में होंगी? 27 अक्टूबर को तीन सभाएं बेतिया, मोतिहारी व सीतामढी में होंगी. महागंठबंधन द्वारा बाहरी और बिहारी को मुद्दा बनाये जाने के बाद होर्डिंग और पोस्टर में स्थानीय नेताओं को भी जगह मिलेगी. जानकारों के अनुसार तीसरे चरण के प्रचार में स्थानीय नेताओं का का पूरा उपयोग किया जायेगा, इसके लिए 21 नेताओं का कार्यक्रम तय हो गया है. चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र तय करने में सामाजिक समीकरण का खासा ख्याल रखा जा रहा है. चुनाव प्रचार में पार्टी ने लालू पर फोकस करने की रणनीति अपनायी, लेकिन अब पार्टी नीतीश कुमार पर भी हमलावर होगी. दो चरणों के मतदान के बाद भी अबतक स्टार प्रचारक की सूची में शामिल लालकृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी शाॅटगन के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा का अबतक पता नहीं है. भाजपा इसका कोई ठोस उत्तर भी नहीं दे पा रही है. शनिवार को चुनाव प्रभारी अनंत कुमार सह प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय के बीच प्रचार और चुनावी रणनीति को लेकर घंटों अनौपचारिक बैठक हुई.
तीसरे चरण के प्रचार में भाजपा ने झोंकी ताकत
तीसरे चरण के प्रचार में भाजपा ने झोंकी ताकतसंवाददाता, पटनातीसरे चरण के चुनाव प्रचार में भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी है. इस चरण में 50 सीटों पर 28 अक्टूबर को मतदान होना है. प्रधानमंत्री की आठ रैलियों के अलावा एनडीए की 250 सभाएं होंगी. प्रधानमंत्री की 25, 26 व 27 अक्तूर को आठ जगहों […]
