Gopalganj News: सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षण को लेकर इस बार सख्त व्यवस्था लागू की है. सोमवार 10 अगस्त से जिले के 268 शिक्षक-शिक्षिकाओं का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू होगा. प्रशिक्षण 10 से 14 अगस्त तक चलेगा. इसमें सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल के 18 चयनित शिक्षक, कक्षा छह से आठ के 130 पीबीएल शिक्षक तथा प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा तीन से पांच तक पढ़ाने वाले 120 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल होंगे.
समग्र शिक्षा विभाग के डीपीओ शिवम ने बताया कि राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है. प्रशिक्षण के दौरान समय की अनदेखी, बिना सूचना अनुपस्थित रहने, मोबाइल का इस्तेमाल करने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
दो केंद्रों पर होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को दो अलग-अलग केंद्रों पर भेजा गया है. मॉडल स्कूल के 18 शिक्षकों का प्रशिक्षण एससीइआरटी पटना में होगा. वहीं कक्षा छह से आठ के 130 पीबीएल शिक्षकों तथा कक्षा तीन से पांच तक के 120 शिक्षक-शिक्षिकाओं का प्रशिक्षण डायट थावे में आयोजित किया जायेगा.
विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण में शामिल किया जा रहा है. सभी प्रतिभागियों को रविवार 9 अगस्त की शाम तक अपने निर्धारित प्रशिक्षण केंद्र पर योगदान करना अनिवार्य किया गया है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण वाले दिन सुबह नौ बजे के बाद पहुंचने वाले शिक्षकों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा. वहीं बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
दिन में तीन बार होगी बायोमेट्रिक हाजिरी
आवासीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष निगरानी रखी जायेगी. सभी प्रतिभागियों की फेस रिकॉग्निशन आधारित बायोमेट्रिक मशीन से प्रतिदिन तीन बार उपस्थिति दर्ज की जायेगी.
सुबह योग एवं पीटी के बाद, दोपहर भोजनावकाश के समय तथा रात के भोजन के बाद बायोमेट्रिक हाजिरी लगानी होगी. निर्धारित समय में एक बार भी उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा.
यदि शिक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो आधे दिन के वेतन में कटौती की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी जा सकती है. एससीइआरटी की ओर से प्रशिक्षण केंद्रों को पहले दिन सुबह 10 बजे तक सभी प्रतिभागियों का फेस रजिस्ट्रेशन पूरा कराने का निर्देश दिया गया है.
इसके साथ ही बायोमेट्रिक मशीन को अपडेट रखने तथा प्रशिक्षण केंद्र पर बिजली और इंटरनेट की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.
मोबाइल इस्तेमाल और फोटो-वीडियो बनाने पर रोक
प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा. प्रशिक्षण की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे योग एवं पीटी से होगी. इसके बाद गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और कक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे.
प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा. इसके अलावा फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर भी रोक रहेगी. विभाग ने प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया है.
पुरुष और महिला शिक्षकों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड लागू रहेगा. योग एवं पीटी के दौरान ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स शू पहनना अनिवार्य होगा.
बिना अनुमति छुट्टी नहीं, रात में भी सख्त नियम
प्रशिक्षण अवधि के दौरान सामान्य परिस्थितियों में किसी भी शिक्षक को अवकाश नहीं दिया जायेगा. प्रशिक्षण परिसर में निजी वाहन, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के रहने पर भी रोक रहेगी.
प्रशिक्षणार्थियों को रात 10 बजे के बाद परिसर में अनावश्यक आवाजाही की अनुमति नहीं होगी. वहीं रात 10:30 बजे तक सभी प्रतिभागियों का हॉस्टल में रहना अनिवार्य किया गया है.
प्रशिक्षण में अनुशासन पर विभाग की विशेष नजर
शिक्षा विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों, गतिविधि आधारित शिक्षा और बेहतर कक्षा संचालन के लिए तैयार करना है. विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा.
अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकों और गतिविधियों को शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में लागू करेंगे, ताकि विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.
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