गोपालगंज : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ आफताब आलम के साथ मारपीट के बाद डॉक्टरों में आक्रोश है. सोमवार को इमरजेंसी वार्ड के ऊपर मीटिंग हॉल में डॉक्टरों ने बैठक की. बैठक में डीपीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गयी.
डॉक्टरों ने कहा कि मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होगी, तो 28 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जायेगी. डॉक्टरों ने कहा कि जिला स्वास्थ्य प्रबंधक डॉक्टरों को प्रताड़ित करते हैं.
विरोध करने पर धमकी दी जाती है. शनिवार को डॉ आफताब आलम के साथ भी ऐसा ही हुआ. बैठक में एसीएमओ डॉ चंद्रिका साह, डीआइओ डॉ शक्ति सिंह, उपाधीक्षक डॉ पीसी प्रभात, डॉ पीसी सिन्हा, डॉ एके चौधरी, डॉ राकेश सिंह, डॉ कौशर जावेद, डॉ अमर कुमार के अलावा सभी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉक्टर मौजूद थे.
सीएस व निदेशक के पास भेजी शिकायत : सदर अस्पताल में हुई घटना के बाद पीड़ित डॉक्टर ने मामले में सिविल सर्जन से लेकर वरीय अधिकारियों के पास शिकायत की है जिसमें मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया है. डॉक्टर द्वारा शिकायत सिविल सर्जन, एसीएमओ, जिला पदाधिकारी, क्षेत्रीय अपर निदेशक, कार्यपालक निदेशक सह राज्य स्वास्थ्य समिति के पास पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की गयी है.
सीएस के सामने डॉक्टर ने ही हाथ उठाया : डीपीएम
जिला स्वास्थ्य प्रबंधक अरविंद कुमार झा ने डॉक्टर के द्वारा लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया. डीपीएम ने कहा कि विभाग में हर कोई काम करता है. कार्य के लिए ही डॉ आफताब से बात की गय, लेकिन उनके द्वारा दुर्व्यवहार करते हुए सिविल सर्जन के सामने हाथ उठाया गया. डीपीएम ने कहा कि इस मामले में प्रत्यक्ष गवाह सिविल सर्जन हैं. उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा डॉक्टर के साथ मारपीट नहीं की गयी है.
क्या कहते हैं सीएस
मामले की जांच की जा रही है. दोनों पक्ष से तू-तू मैं -मैं के बाद घटना हुई. डॉक्टर व डीपीएम ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मामले में शिकायत की है.
डॉ नंदकिशोर सिंह, सीएस
