गोपालगंज : समान काम के लिए समान वेतन के फैसले को लेकर जिले के दस हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों की धड़कनें तेज हो गयी हैं. गुरुवार को सोशल मीडिया पर समान काम के लिए समान वेतन संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के शुक्रवार को आने की सूचना के साथ ही शिक्षकों की बेचैनी बढ़ गयी.
दोपहर में शिक्षकों के विभिन्न संगठनों के व्हाट्सएप ग्रुप पर यह पोस्ट डाला जाने लगा कि सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को समान काम के लिए समान वेतन संबंधी फैसला आयेगा.
इसके लिए लिस्ट जारी हो गयी है. यह पोस्ट पढ़ते ही शिक्षक बेचैन हो उठे. फोन कर एक-दूसरे से सच्चाई जानने में जुट गये. अपने-अपने संगठन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से इस पोस्ट की सत्यता के बारे में सवाल पूछने लगे.
जिला प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार राज्य प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षक संघ, परिवर्तनकारी शिक्षक संघ,प्राथमिक शिक्षक संघ भोरे, बीएसटीए बिहार प्रदेश समेत अन्य संगठनों के व्हाट्सएप ग्रुप इससे संबंधित पोस्ट से भर गये.
शहर के पोस्टऑफिस चौक समेत अन्य जगहों पर जुटे शिक्षक इसी बारे में चर्चा करते सुने गये. इस दरम्यान स्थानीय शिक्षक नेता प्रदेश अध्यक्ष व वकीलों से भी जानकारी लेते रहे, तो इधर, कई थावे मां भवानी के दरबार समेत अन्य मंदिरों व मस्जिदों में मत्था टेकने पहुंच गये.
नियोजित शिक्षकों की बस एक ही प्रार्थना थी कि शुक्रवार को उनके पक्ष में फैसला आये. जिला प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रतिकांत साह ने बताया कि शुक्रवार को समान वेतन के फैसले की तारीख तय हो गयी है. पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनायेगी.
