निचले गांवों में पानी फैलने का खतरा

गोपालगंज : नेपाल में शुरू हुई बारिश और वाल्मीकि नगर बराज से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक में एक बार फिर उफान आ गया है. विश्वंभरपुर में गंडक गाइड बांध पर जहां दबाव बना हुआ है, वहीं निचले गांवों में पानी फैलने का खतरा मंडराने लगा है. इधर, नदी में उफान को देखकर […]

गोपालगंज : नेपाल में शुरू हुई बारिश और वाल्मीकि नगर बराज से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक में एक बार फिर उफान आ गया है. विश्वंभरपुर में गंडक गाइड बांध पर जहां दबाव बना हुआ है, वहीं निचले गांवों में पानी फैलने का खतरा मंडराने लगा है. इधर, नदी में उफान को देखकर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. विगत पांच दिनों से शांत चल रही गंडक की धारा, जहां मंगलवार को उग्र हो गयी, वहीं जल स्तर में चार फुट से अधिक का इजाफा हुआ है.

मंगलवार को बराज से दो लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया. एक साथ दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी खतरे के निशान से पांच से 10 सेमी ऊपर बह रही है. मंगलवार की सुबह से जल स्तर का बढ़ना जारी है. नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही नदी के तटवर्ती गांवों की ओर पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. बलखाती नारायणी की धारा विश्वंभरपुर में बेडबार और गाइड बांध पर दबाव बनाये हुए है. धारा के दबाव को कम करने के लिए विभाग एक बार फिर फाइटिंग वर्क तेज कर दिया है. जियो बैग, आयरन कैरेट और परको पाइन से अवरोधक बनाने का काम जारी है. वहीं, नदी नये बेडबार को निगलने पर तुली हुई है. गंडक की उफनती धारा को देख ग्रामीणों में भय कायम है. इधर, विश्वंभरपुर में नदी की धारा बन रहे बेडबार पर लगातार दबाव बनाये हुए है.

बेडबार पर फिर से निर्माण कार्य जहां जारी है, वहीं नदी की धारा आयरन कैरेट और डाले जा रहे पत्थरों को अपने आगोश में ले रही है. इसको लेकर मंगलवार को पूरे दिन बाढ़ नियंत्रण विभाग अवरोधक कार्य कराता रहा. एसी जितेंद्र सिंह, वरीय अधीक्षण अभियंता अशोक रंजन और अश्विनी कुमार, कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह सहित अन्य अभियंताओं की टीम कैंप कर अवरोधक कार्य कराने में लगी हुई है.

खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंडक : नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंडक नदी का जल स्तर खतरे के निशान से पांच से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. गोपालगंज के डुमरिया घाट पर स्थित केंद्रीय जल आयोग की साइट पर अभियंताओं की टीम कैंप कर रही है. वहीं, नदी के पानी में वृद्धि होने पर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया है. केंद्रीय जल आयोग की टीम हर घंटे जल स्तर की रिपोर्ट दर्ज कर रही है.
और बढ़ा जल स्तर तो एक दर्जन गांवों में फैलेगा पानी : नेपाल में बारिश का होना और डिस्चार्ज में वृद्धि लगातार जारी है. पानी डिस्चार्ज के बाद दो दर्जन गांवों में पानी फैलने का खतरा मंडराने लगा है, वहीं तटबंध पर एक दर्जन से अधिक जगहों पर दबाव बनेगा. विश्वंभरपुर, खरगौली, भसहीं, मकसुदपुर, कटघरवां, जगीरी टोला, राम नगर, सलेमपुर, टंडसपुर, सल्लेहपुर और बैकुंठपुर के दीपऊं, मुंजा सहित कई स्थानों पर दबाव बन सकता है.
तटवर्ती लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने की सलाह : गंडक के जल स्तर में हो रही वृद्धि के बाद डीएम की ओर से अलर्ट जारी किया गया है. नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे ऊंचे स्थानों पर चले जाएं तथा सुरक्षा पर ध्यान दें. इधर, तटबंध पर भी चौकसी बढ़ा दी गयी है. नदी की रुख देख तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में भय व्याप्त है.
क्या कहता है विभाग
नदी का जल स्तर बढ़ा है, लेकिन खतरे की बात नहीं है. बांध की निगरानी और फाइटिंग वर्क कराया जा रहा है. पूरी सतर्कता के साथ नदी की रुख पर नजर रखी जा रही है.
नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग, गोपालगंज
निचले इलाके के लोगों को किया गया अलर्ट
आपदा प्रबंधन विभाग की मानक के हिसाब से जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की है. प्रतिदिन तटबंधों की सुरक्षा और उसके निरीक्षण करने के लिए पर्याप्त संख्या में इंजीनियर और होमगार्ड जवान लगाये गये हैं. प्रतिदिन सुबह और दोपहर में रिपोर्ट ली जा रही है. जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निबटने के लिए तैयार है. सतर्कता और सुरक्षा के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है.
अनिमेष कुमार पराशर, डीएम, गोपालगंज

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