पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा
गांव में दहशत और खौफ के बीच जी रहे ग्रामीण
माझा : माघी निमुईया गांव में दो पक्षों में शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर ओझा यादव की हत्या के बाद दूसरे दिन भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा. गांव में लोग दहशत में हैं. तनाव भरे माहौल में कब, कौन सी बात को लेकर झड़प हो जाये, कहना मुश्किल है. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मांझा थाना के एएसआई विश्वनाथ राय के नेतृत्व में सैप जवानों के साथ गांव में कैंप किया जा रहा है. इस मामले में 14 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नामजद अभियुक्त मेघा यादव को शुक्रवार की शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया. दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं. इस घटना के बाद जवाहिर यादव अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार है.
पुलिस का दावा है कि 24 घंटे के अंदर सभी अपराधियों की गिरफ्तारी कर ली जायेगी. मृतक ओझा यादव के पुत्र मुन्ना यादव की तहरीर पर वकील यादव, दारोगा यादव, मुख्तार यादव, अवध यादव, हिपु यादव, दीपक यादव, पवन यादव, मेघा यादव, पप्पू यादव, लालू यादव सहित 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. घटनास्थल से पुलिस ने एक ट्रैक्टर को जब्त किया है. ट्रैक्टर किसका है. इसकी तलाश की जा रही है.
पूर्व बीडीसी की हालत चिंताजनक : मारपीट के दौरान बीच बचाव करने गये सरपंच चंद्रिका यादव, पूर्व बीडीसी सदस्य दिनेश यादव, वर्तमान बीडीसी सदस्य बीरबल यादव को भी मारपीट कर जख्मी कर दिया गया था. पटना में इलाजरत पूर्व बीडीसी सदस्य दिनेश यादव की स्थिति चिंताजनक बतायी जा रही है.
प्लानिंग के साथ आये थे अपराधी
शुक्रवार की सुबह से ही पूरी प्लानिंग के साथ सभी अपराधी हथियार के साथ ईख के खेत में इधर-उधर छुपे हुए थे. पुलिस को पहुंचते ही ग्रामीणों ने बताया कि ईख के खेत में कुछ अपराधी हथियार लेकर आये हैं. जैसे ही पुलिस ईख के खेत के तरफ बढ़ी, वैसे ही अपराधियों ने पुलिस पर ईंट पत्थर से हमला कर दिया. ग्रामीण दौड़े, तबतक अपराधियों ने मारपीट शुरू कर दी.
क्या है पूरा मामला
स्थानीय थाना क्षेत्र के माघी निमुईया गांव के चंद्रिका यादव तथा जवाहिर यादव के बीच कई वर्षों से जमीन विवाद चल रहा था. शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में ही लाठी, डंडा,भाला, चलने लगा. इसमें ओझा यादव का भला लगने से बुरी तरह से घायल हो गया. सदर अस्पताल में उनकी मौत हो गयी. मौत के बाद परिजनों ने गोपालगंज सदर अस्पताल के गेट पर हंगामा शुरू कर दिया.
