नकद चलन पर अंकुश के लिए पहल
दो हजार, पांच सौ के नोटों का चलन कम करने का प्रयास
गोपालगंज : नकदी का चलन कम करने को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) बड़े मूल्य वर्ग के नोटों की संख्या धीरे-धीरे योजनाबद्ध तरीके से कम कर रहा है. एटीएम फीडिंग में 2000 रुपये के नोटों की संख्या पहले ही कम कर दी गयी है. इसके साथ ही अब 500 के नोटों की भी संख्या कम की जायेगी. आरबीआइ ने बैंकों को अपनी कुल एटीएम में से 10 फीसदी में केवल सौ रुपये की नकद निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिये हैं. यह आदेश आरबीआइ ने अक्तूबर में जारी किया था, किंतु नोटबंदी के बाद इस पर अघोषित रोक लगा दी थी. अब आरबीआइ ने फिर बैंकों से इस आदेश पर अमल करने के लिए कहा है.
जल्द आयेंगे सौ रुपये के नये नोट : एटीएम से निकासी कम किये जाने की योजना पर काम चल रहा है. ऐसे में बड़े नोट कम फीड किये जा रहे हैं. एक करेंसी चेस्ट के प्रबंधक का कहना है कि हमें मौखिक निर्देश मिला है छोटे नोट एटीएम में अधिक डालें. अक्तूबर में सौ के नये नोटों की बड़ी खेप आने की संभावना है. तब शायद अधिकतर एटीएम सौ रुपये से फीड होंगे. बैंकों ने एटीएम सप्लाइ करनेवाली कंपनियों को भी सौ रुपये के कैसेट वाली ही एटीएम के आॅर्डर देने शुरू कर दिये हैं.
बैंकों की संख्या : करीब 38
बैंक शाखाएं करीब : 156
एटीएम : 179 से अधिक
कार्यशील एटीएम :17 से अधिक
एटीएम कार्डधारक : 15.36 लाख से अधिक
प्रति एटीएम कैश फीडिंग : 5-10 लाख
प्रतिदिन एटीएम से निकासी : औसतन 5.90 करोड़
ताकि नकदी प्रचलन कम हो
-20 हजार रुपये से अधिक कैश लेन-देन नहीं कर सकते
5000 रुपये से अधिक नकद अपने बैंक की दूसरी शाखा में जमा करने पर चार्ज
-कुछ बैंकों में चार और कुछ में पांच बार से अधिक नकद निकासी पर चार्ज
अलग अलग बैंकों में तय सीमा से अधिक नकद जमा करने पर चार्ज
बचत खाते में अधिक कैश न रहे, इसलिए बचत खाते पर ब्याज दरों में कमी
