जिले के सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी

बाहर से दवाएं खरीदने में होती है परेशानी गोपालगंज : जिले के सरकारी अस्पतालों में आधी से अधिक दवाएं नहीं मिलती हैं. इसके लिए मरीजों व उनके परिजनों को प्राइवेट दुकानों में ही जाना पड़ता है. गरीब मरीजों को बाहर से दवा खरीदना मुश्किल साबित होता है. कई गरीब तो आधी दवा लेकर ही घर […]

बाहर से दवाएं खरीदने में होती है परेशानी
गोपालगंज : जिले के सरकारी अस्पतालों में आधी से अधिक दवाएं नहीं मिलती हैं. इसके लिए मरीजों व उनके परिजनों को प्राइवेट दुकानों में ही जाना पड़ता है.
गरीब मरीजों को बाहर से दवा खरीदना मुश्किल साबित होता है. कई गरीब तो आधी दवा लेकर ही घर को लौट जाते हैं. सदर अस्पताल में भी कई दवाओं की कमी है. स्वास्थ्य विभाग के मानक के अनुसार ओपीडी के लिए 33 प्रकार की दवाएं चाहिए, लेकिन यहां 25 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं. वहीं, इंडोर यानी भरती मरीजों के लिए 112 प्रकार की दवाएं चाहिए, लेकिन यहां 80 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं.
इसके अलावा डॉक्टर कुछ अन्य दवाएं भी परची पर लिखते हैं. ये दवाएं सदर अस्पताल के दवा काउंटर पर उपलब्ध नहीं रहती हैं. इससे मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी होती है. उधर, स्वास्थ्य विभाग ने जिले को विभिन्न प्रकार की दवाएं उपलब्ध भी करायी हैं. इसके बावजूद कई ऐसी जरूरी दवाएं हैं जो अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >