गोरखधंधा. कटेया के धुरनाकुंड में हो रहा बालू का खनन
यूपी-बिहार के बॉडर पर स्थित खनुआ नदी से बालू का अवैध खनन हो रहा है. यूपी के कुशीनगर, देवरिया जिले के माफिया बिहार में बालू खनन कर रहे हैं. प्रशासन बालू के अवैध खनन से अनजान है.
कटेया : बिहार-यूपी की नदियों से बालू का अवैध खनन हो रहा है. कटेया के घुरनाकुंड में खनुआ नदी से बालू का खनन किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के माफिया बिहार में आकर हर रोज 40 से 50 ट्रक बालू का अवैध खनन कर रहे हैं. इससे सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है. बालू के अवैध खनन से नदियों के अस्तित्व पर जहां संकट उत्पन्न हो गया है, वहीं प्रशासन इससे अबतक अनजान है. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबकि घुरनाकुंड बालू माफियाओं का मुख्य प्वाइंट है.
बालू खनन के कारोबार में अधिकतर यूपी के माफिया शामिल हैं. खनुआ नदी का बालू देवरिया, कुशीनगर भेजा जाता है. बालू के अवैध खनन को लेकर कई बार स्थानीय लोगों से विवाद भी हो चुके हैं. लोगों के मुताबिक बालू के अवैध खनन को लेकर स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायत की गयी, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं की गयी. वहीं, सीओ अफजल हुसैन ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. बिना टेंडर खनन हो रहा होगा, तो इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रोक लगायी जायेगी.
ऐसे समझिए नदियों का स्वरूप
कटेया के घुरनाकुंड के पास तीन नदियां मिलती हैं. खनुआ नदी उत्तर प्रदेश और बिहार की नदी है. घुरनाकुंड में कटेया से होकर जानेवाली दो अलग-अलग छोटी नदियां खनुआ में जाकर मिल जाती हैं. घुरनाकुंड के पास बिहार के गोपालगंज, यूपी के देवरिया और कुशीनगर जिले का बॉडर है. यहां प्रतिदिन 40 से 50 ट्रक बालू का अवैध खनन होता है.
नाव से निकाला जाता है बालू : नदी से बालू का अवैध खनन करने के लिए माफिया नाव का सहारा लेते हैं. नाव के जरिये बालू का अवैध खनन करने के बाद ट्रैक्टर और ट्रक पर लोड किया जाता है. चौंकानेवाली बात यह है कि यूपी के माफिया बिहार में आकर बालू का अवैध खनन हर रोज करते हैं. लेकिन, स्थानीय प्रशासन को अबतक इसकी जानकारी नहीं है.
