बरौली : दिन के दो बज रहे हैं. कड़ी धूप में पसीने से लथपथ एक 50 वर्षीय आदमी सिर पर भारी गठरी लेकर जा रहा है़ थकान से चूर व्यक्ति 50 कदम चलने के बाद रुक कर सुस्ताने लगता है तथा गठरी को माथे से उतार देता है़ कुछ देर के बाद फिर चलने को तैयार होता है और किसी को बुलवा कर गठरी को माथे पर रखवाता है़ काफी परेशान दिख रहे इस व्यक्ति से पूछने पर बताया है कि उसका नाम सुरेंद्र यादव है और वह कलकलहां गांव का है़ मंगलवार को बरौली स्थित भारतीय स्टेट बैंक में सुबह पैसे निकालने के लिए गया़ पहले तो मैनेजर ने पैसे नहीं होने की बात कह कर टरकाने की कोशिश की, लेकिन सुरेंद्र यादव ने अपनी जरूरत की बात कही,
तो बैंक मैनेजर ने उसे 20 हजार रुपये के सिक्के थमा दिये़ अकेले और पैदल बैंक आये सुरेंद्र ने जब सिक्कों की गठरी उठायी, तो सिक्कों के बोझ से उसके पैर डगमगाने लगे़ हद तो तब हो गयी जब उसकी की सहायता के लिए कोई भी आगे नहीं आया. हालांकि सुरेंद्र ने कई लोगों से मिन्नत घर पहुंचा देने की़ हार कर सुरेंद्र करीब 25 किलो की गठरी उठाये डगमगाते कदमों से अपने घर की ओर चला. आज उसे अपने ही पैसे बोझ से लगने लगे थे़ शाम छह बजे वह जैसे-तैसे घर पहुंचा, जबकि बैंक से कलकलहां की दूरी मात्र दो किमी है़ इधर, एसबीआइ के स्थानीय बैंक प्रबंधक आलोक कुमार से पूछने पर उन्होंने कहा कि बैंक में करेंसी खत्म है, जिसको जरूरी है, उसे सिक्के दिये जा रहे हैं. एक-दो दिन में स्थिति ठीक हो जायेगी.
