हाइ व प्लस टू स्कूलों को नहीं मिले 439 शिक्षक

अनदेखी. शिक्षकों की कमी से सिलेबस नहीं हो रहा पूरा गोपालगंज : जिले में वर्ष 2006 मेें 56 प्लस टू स्कूलों में शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया शुरू हुई. तब से अब तक कई बार शिक्षकों का नियोजन किया गया. 11 साल बीत जाने के बाद भी प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों के करीब 40 प्रतिशत […]

अनदेखी. शिक्षकों की कमी से सिलेबस नहीं हो रहा पूरा

गोपालगंज : जिले में वर्ष 2006 मेें 56 प्लस टू स्कूलों में शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया शुरू हुई. तब से अब तक कई बार शिक्षकों का नियोजन किया गया. 11 साल बीत जाने के बाद भी प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों के करीब 40 प्रतिशत पद रिक्त रह गये. 11 साल नियोजन की प्रक्रिया संचालित होने के बाद ही इन स्कूलों के लिए 439 शिक्षक नहीं मिले. जिले के 56 प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों के कुल 1316 पर स्वीकृत हैं. इन स्कूलों में वर्तमान समय में 767 शिक्षक पदस्थापित हैं और 539 पद रिक्त हैं. कई बार नियोजन प्रक्रिया होने के बाद भी इन पदों को नहीं भरा जा सका है. इसका मुख्य कारण है
कि कई ऐसे विषय हैं जिसके लिए काफी कम अभ्यर्थी आवेदन कर रहे हैं. इनमें प्रमुख रूप से साइंस, गणित, संस्कृत व अंगरेजी शामिल हैं. जिले के अधिकतर स्कूलों में इन्हीं प्रमुख विषयों के शिक्षकों का पद रिक्त है.
छात्र परेशान, कोचिंग ही सहारा
स्कूलों, शिक्षकों व रिक्त पदों का आंकड़ा
राजकीयकृत हाइस्कूलों की संख्या- 50
प्रोजेक्ट हाइस्कूलों की संख्या- 06
माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के पद- 632
माध्यमिक स्तर के शिक्षकों की संख्या- 436
माध्यमिक स्तर के शिक्षक के रिक्त पद- 196
प्लस टू स्तर के शिक्षकों के पद- 674
प्लस टू स्तर के शिक्षकों की संख्या- 331
प्लस टू स्तर के शिक्षक के रिक्त पद- 243
शिक्षकों की रिक्ति भरने के लिए कई बार नियोजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. इसके बावजूद कई विषयों के अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं. इसके संबंध में विभाग को पत्र भेजा गया है.
अशोक कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी
सिलेबस नहीं होता है पूरा
एक तरफ सरकार मैट्रिक व इंटर की परीक्षाओं में काफी कड़ाई कर रही है. स्कूलों में अच्छी शिक्षा व्यवस्था देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर नहीं कर पा रही है. शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्रों का सिलेबस पूरा नहीं होता है. उन्हें कोचिंग का सहारा लेना पड़ता है. साइंस, गणित, संस्कृत व अंगरेजी के विषयों की उचित शिक्षा छात्रों को नहीं मिल पाती है.
56 में 41 स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त
56 प्लस टू स्कूलों में से 41 जगहों पर हेडमास्टर के पद रिक्त हैं. सिर्फ 15 स्कूलों में ही स्थायी हेडमास्टर पदस्थापित हैं. अन्य 41 स्कूलों में वरीय शिक्षक को ही हेडमास्टर का प्रभार दिया गया है. स्थायी हेडमास्टरों के पद रिक्त रहने से प्रभार के लिए शिक्षकों के बीच खींचातानी होती है. शिक्षा विभाग ने स्थायी हेडमास्टर के रिक्त पदों के संबंधित शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा है.

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