10 हजार से पांच लाख तक के बकरे उपलब्ध
बकरा पसंद आने पर उसके मालिक से करना होगा संपर्क
गोपालगंज : कुरबानी के बकरों की खरीदारी के लिए अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. बाजार व गांवों से बकरे खरीदने की बात अब पुरानी हो गयी है. वर्तमान समय में आप घर बैठे बकरे की खरीद-फरोख्त कर हजरत इस्माइल (अलैह.) की कुरबानी की याद को ताजा कर सकते हैं. बस आपके पास कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्ट फोन होना चाहिए.
एक क्लिक पर ही खूबसूरत बकरा स्क्रीन पर नजर आ जायेगा. कीमत चुकाने के बाद आप उसे घर ला सकते हैं. अब तक ओएलएक्स और क्विकर जैसी साइटों के जरिये लोग स्मार्ट फोन, गाड़ी, फर्नीचर आदि की खरीद करते थे. आधुनिक युग में इसी तरह बकरों की खरीद भी की जा सकती है. खास बात यह है कि इन साइटों पर हर नस्ल व कीमत के बकरे उपलब्ध हैं. इनमें मेवाती, देसी, बरबरा और तोतापरी भी शामिल हैं. इन साइटों पर 10-15 हजार से पांच लाख रुपये तक के बकरे उपलब्ध होने की बात कही जा रही है. पसंद आने के बाद आप बकरा खरीदने के लिए उसके मालिक से फोन पर बात भी कर सकते हैं.
बीमार या कमजोर जानवर की पहचान फोटो से नहीं की जा सकती
31 अगस्त को है बकरीद : इस बार बकरीद 31 अगस्त को है. इसके लिए अभी से बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गयी है. तकिया गांव निवासी जावेद ने ओएलएक्स पर बकरे की खरीद की है. खजूरी के निवासी रिजवान रजा एमबीए कहते हैं कि इस बार वह इन साइटों के जरिये बकरा खरीदने पर विचार कर रहे हैं.
बकरे की कीमत : बकरा बेचने का शौक पैदा होने पर बथुआ बाजार निवासी जमशेद अहमद खां ने अपना बकरा 35 हजार रुपये में बेचने की बात रखी, लेकिन कीमत ज्यादा होने पर बात नहीं बन पायी. वहीं इमरान हुसैन के मुताबिक उन्होंने ओएलएक्स व क्विकर पर कई बार विज्ञापन देखे हैं. इसलिए मैंने अपने बकरे का भी विज्ञापन लगा दिया. घर बैठे भी कई खरीदार पहुंचे, लेकिन हम बकरा शौक के लिए पालते हैं, बेचने के लिए नहीं.
फोटो देख कर बकरे नहीं खरीदे जा सकते : लाइन बाजार के डॉ रुखसार अहमद कहते हैं कि कंप्यूटर या मोबाइल पर देख कर बकरे नहीं खरीदे जा सकते. इसके लिए बकरे के दांत और खूबसूरती देखनी पड़ती है. हाजी इदरीस कुरैशी कहते हैं कि कुरबानी के बकरे को तंदरुस्त होने के साथ ही आंख, कान, सींग और पैर भी ठीक होने चाहिए.
उलेमाओं की राय
मौलाना मुख्तार अहमद कासमी का कहना है कि ओएलएक्स व क्विकर पर फोटो देख कर बकरा खरीदना ठीक नहीं है. कुरबानी के लिए सेहतमंद जानवर का हुक्म फरमाया गया है. बीमार या कमजोर जानवर की पहचान फोटो देख कर नहीं की जा सकती है. बेहतर होगा कि घर में पाले हुए बकरे को कुरबानी दें.
