चौखट तक पहुंचा पानी त्रासदी. नेपाल में हो रही बारिश से बढ़ रहा जल स्तर
कालामटिहनिया : यह तसवीर विशंभरपुर गांव की है. यहां आबादी के करीब नदी तबाही मचाने को उतावली है. नदी के रुख से गांव के लोगों की नींद हराम हो गयी है. बढ़ते दबाव से बाढ़ नियंत्रण विभाग का बचाव कार्य नदी में समा गया है. आधा दर्जन गांव नदी के निशाने पर हैं. भसही में […]
कालामटिहनिया : यह तसवीर विशंभरपुर गांव की है. यहां आबादी के करीब नदी तबाही मचाने को उतावली है. नदी के रुख से गांव के लोगों की नींद हराम हो गयी है. बढ़ते दबाव से बाढ़ नियंत्रण विभाग का बचाव कार्य नदी में समा गया है. आधा दर्जन गांव नदी के निशाने पर हैं. भसही में नवनिर्मित गाइड बांध के पास नदी पहुंच चुकी है.
जिस रफ्तार से नदी बढ़ रही है उससे गाइड बांध पर खतरा मंडरा रहा है. लोगों की मानें, तो जिस रफ्तार से नदी का दबाव बढ़ रहा है, उससे गाइड बांध पर कराये गये काम नदी में समा सकते हैं. भसही के आसपास के लोग दहशत में हैं. बाढ़ नियंत्रण विभाग की मानें, तो वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार की शाम छह बजे 92.5 हजार क्यूसेक जल डिस्चार्ज आंका गया है. विशंभरपुर गांव को प्रोटेक्ट करने के लिए अभियंताओं की टीम फ्लड फाइटिंग में जुटी है. अभियंता स्थिति को सामान्य बता रहे हैं.
नदी में नहीं उतर पायी ड्रेनेज मशीन : अहिरौली दान से कालामटिहनिया तक बनाये गये पाइलट चैनल को ड्रेनेज करने के लिए कोलकाता से मंगायी गयी ड्रेनेज मशीन गुरुवार को भी नदी में नहीं उतर पायी. विशेषज्ञों की टीम मशीन को दुरुस्त करने में लगी हुई है. जानकार बताते हैं कि जब तक डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी नहीं होगा तब तक ड्रेनेज मशीन को नदी में उतारना संभव नहीं है.पाइलट चैनल के अहिरौली दान स्थित मुहाने पर अभियंताओं के द्वारा पारकोपाइन रखा गया था. इसके कारण नदी का जल स्तर बढ़ते ही उस पर झील आ गया.
नतीजा है कि नदी यहां से सीधे भसही के समीप नवनिर्मित बांध की तरफ मुड़ गयी है. ऐसे में ड्रेनेज मशीन से मुहाने को साफ करने के बाद ही दबाव को कम किया जा सकता है.