पहले भी महंत ने कब्जे की जतायी थी आशंका

कबीर मठ की कीमती जीमन पर कब्जे की आशंका महंत पहले भी जता चुके थे. इसकी सूचना महंत थाने को भी दे चुके थे. भोरे : भोरे थाना क्षेत्र के हुससेपुर नवकाटोला में स्थित कबीर मठ की कीमती 12 कट्ठा जमीन पर पूर्व से भू माफियाओं की नजर थी. जमीन को लेकर पहले भी महंत […]

कबीर मठ की कीमती जीमन पर कब्जे की आशंका महंत पहले भी जता चुके थे. इसकी सूचना महंत थाने को भी दे चुके थे.

भोरे : भोरे थाना क्षेत्र के हुससेपुर नवकाटोला में स्थित कबीर मठ की कीमती 12 कट्ठा जमीन पर पूर्व से भू माफियाओं की नजर थी. जमीन को लेकर पहले भी महंत पर हमला हो चुका था. इसे लेकर महंत ने पूर्व में भी भोरे थाना में इसकी सूचना दी थी. लेकिन शुक्रवार को जमीन पर कब्जे को लेकर मठ के महंत को मारने की कोशिश की गयी. तलवार से 80 वर्षीय महंत के शरीर पर आठ जगह वार किये गये. 80 वर्ष की अवस्था में महंत भी हमलावरों से जूझते रहे. इधर, घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर बढ़ा ग्रामीण हमलावरों को मारने उतारू हो गये. समय रहते रैफ के जवानों ने मोरचा संभाल लिया, नहीं किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था.

सुबह में ही जोत ली गयी थी जमीन : शुक्रवार की सुबह जब लोगों की नींद खुली, तो लोगों ने देखा कि जमीन को जोत लिया गया है. इसकी जानकारी जब मठ के महंत को हुई तो वे लगभग 11.30 बजे जमीन को मठ के ट्रैक्टर से जोतवाने लगे. महंत को अकेले देख हरिनारायण भगत के पूरे परिवार ने अचानक उन पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके शरीर पर तलवार से आठ बार वार किया गया. इस बात की जानकरी जब ग्रामीणों को हुई, तो पूरा गांव हरिनारायण भगत को खोजने लगा. हाथ में लाठी-डंडा से लैश लोग मरने-मारने पर उतारू थे. स्थिति को देखते हुए मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स को लगाया गया. जिले से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया, तब कहीं जा कर मामला शांत हुआ. बता दें कि इससे पूर्व भी मठ की जमीन को लेकर गोपालगंज में हिंसक वारदातें होती रही हैं.

1.5 करोड़ की है जमीन

नवकाटोला में स्थित कबीर मठ के पास वैसे तो सात बिगहा जमीन है, लेकिन मठ की एक जमीन जिसका रकबा 12 कट्ठा है, वह काफी कीमती है. इस जमीन पर नवकाटोला के हरिनारायण भगत की नजर थी. जमीन पर कब्जे को लेकर काफी पहले से ही ताना-बाना बुना जा रहा था. इधर, मठ के महंत हंसराज गोसाई वृद्ध होने के कारण मठ की पूरी जिम्मेवारी अपने चेले वंशराज गोसाई को सौंपने वाले थे. इसी बीच उनके वृद्ध होने का फायदा जमीन पर नजर रखने वालों ने उठाने को सोचा. जिसे लेकर पूर्व में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गयी. बताया जा रहा है कि 1.5 करोड़ रुपये की जमीन पर हरिनारायण भगत की नजर थी, जिसे लेकर महंत ने स्थानीय थाने में सूचना दी थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >