पहली बारिश नहीं झेल पाया 37 करोड़ का गोपालगंज सदर अस्पताल, मुख्य पोर्च गिरा

Gopalganj Sadar Hospital News: गोपालगंज में 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल में मानसून की पहली बारिश के दौरान मुख्य पोर्च का हिस्सा गिर गया. घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं. सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं.

Gopalganj Sadar Hospital News: (मनीष राज) गोपालगंज में मानसून की पहली ही बारिश ने 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंगलवार सुबह हुई बारिश के दौरान अस्पताल के मुख्य पोर्च का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया. घटना के समय अस्पताल परिसर में मरीज और उनके परिजन मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.

बारिश में सामने आई निर्माण की खामियां

घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए. स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि अस्पताल भवन के निर्माण के बाद से ही कई तकनीकी और संरचनात्मक खामियां लगातार सामने आती रही हैं.

लिफ्ट, फायर सेफ्टी और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल

अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि कई लिफ्ट लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती है. इसके अलावा फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर भी पहले से सवाल उठते रहे हैं.

बारिश के दौरान अस्पताल के कई वार्डों में बिजली के बोर्ड और वायरिंग के पास पानी टपकने की शिकायत भी सामने आई है. इससे करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.

लोगों ने निर्माण गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग

मुख्य पोर्च का हिस्सा गिरने के बाद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही भवन का हिस्सा टूटने लगे तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

सिविल सर्जन बोले- होगी जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या निर्माण संबंधी गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में मौजूद अन्य कमियों को भी जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

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By Vivek Ranjan

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले आठ वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी मीडिया से की, जहां बिहार की राजनीति से जुड़े कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इंटरव्यू किए. वर्तमान मुख्यमंत्री के उपमुख्यमंत्री रहते हुए उनका इंटरव्यू करने के साथ-साथ उन्होंने कई मंत्रियों के इंटरव्यू और फील्ड रिपोर्टिंग भी की है.

ज्ञान की धरती नालंदा के रहने वाले विवेक रंजन पाण्डेय वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है. बिहार की राजनीति, शिक्षा और छात्र मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा प्रशासन, अपराध, रोजगार, मौसम और स्थानीय मुद्दों पर भी वह लगातार खबरें तैयार करते हैं.

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उन्होंने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की है.

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