गया (कंचन की रिपोर्ट). गया शहर में शनिवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक रौद्र रूप ले लिया. दिनभर की चिलचिलाती धूप के बाद 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. महज कुछ ही घंटों में 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने शहर के ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम के दावों की कलई खोल कर रख दी.
खुद डूब गया नगर निगम का मुख्यालय
शहर के जलजमाव का आलम यह था कि लोगों को बचाने वाला खुद नगर निगम का मुख्यालय भी पानी से नहीं बच सका और वहां भी पानी भर गया. काले बादलों, तेज गर्जना और बिजली चमकने के बीच आई इस आंधी ने शहर और आसपास के इलाकों में खासा कहर बरपाया.उड़ीं छतें, बिजली ठप और बिजनेस चौपट
संपत्ति का नुकसान: आंधी की तीव्रता इतनी थी कि कई कच्चे घरों और एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं. कई जगहों पर पेड़ और उनकी मोटी टहनियां टूटकर गिर गईं.बिजली व्यवस्था चरमराई: जगह-जगह पेड़ गिरने से शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और आपूर्ति करीब एक घंटे तक ठप रही. जिले में कई स्थानों पर वज्रपात की भी सूचना है.
बाजार बने टापू: रामसागर रोड, शहीद रोड, नाला रोड, बजाजा रोड, केदारनाथ मार्केट और केपी रोड समेत कई प्रमुख व्यवसायिक सड़कों पर भारी जलभराव हो गया. सबसे ज्यादा खामियाजा फुटपाथी दुकानदारों को उठाना पड़ा, जिनका शाम का पूरा बिजनेस चौपट हो गया.