बोधगया से कलेंद्र प्रताप की रिपोर्ट
World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गया स्थित मगध विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया. करीब 100 छात्र-छात्राओं ने प्रभातफेरी निकालकर हरियाली बचाने और पौधारोपण का संदेश दिया. इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में नीम और पीपल के 50 पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया.
प्रभातफेरी निकालकर युवाओं ने जगाई पर्यावरण के प्रति चेतना
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को मगध विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं ने प्रभातफेरी निकाली. विभिन्न पाठ्यक्रमों के करीब 100 विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ विश्वविद्यालय कैंपस में जागरूकता अभियान चलाया. युवाओं ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने की अपील की.
मगध विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए 50 पौधे
प्रभातफेरी के बाद छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान नीम और पीपल के करीब 50 पौधे लगाए गए. विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया.
कुलपति समेत कई अधिकारियों ने किया पौधारोपण
कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर दिलीप कुमार केशरी, कुलसचिव प्रोफेसर बीके मंगलम, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर पीके चौधरी, एनएसएस समन्वयक और अन्य शिक्षकों ने पौधारोपण में भाग लिया. सभी ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया.
हरियाली बढ़ाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता
मगध विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ राजेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में अधिक से अधिक पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को पर्यावरण संरक्षण का आदर्श केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है और विभिन्न अवसरों पर पौधारोपण अभियान चलाया जाता है.
छात्रों से अधिक पौधे लगाने की अपील
कार्यवाहक कुलपति ने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण करना चाहिए. साथ ही लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है.
हरित परिसर बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय परिसर को और अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया. छात्रों और शिक्षकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है.
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