सरकार द्वारा विकास के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गया जी के वजीरगंज प्रखंड की विशुनपुर पंचायत स्थित बलजोरी बिगहा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह महरूम है. इस गांव में करीब 100 महादलित परिवार निवास करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि देश की आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस गांव तक आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक आने-जाने के लिए केवल एक कच्चा रास्ता मौजूद है, जो बरसात के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है. रास्ते में जगह-जगह हुए जलजमाव के कारण यहां से पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है.
ग्रामीणों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि मुकेश मांझी, पंकज कुमार मांझी, सुनैना देवी और सावो देवी सहित अन्य लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह रास्ता इतना अधिक खराब हो जाता है कि किसी भी जरूरी काम से घर से बाहर निकलना भी कठिन हो जाता है.
इस कीचड़ भरे रास्ते पर बाइक और साइकिल चालकों के फिसलने का खतरा हमेशा बना रहता है, जबकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस रास्ते से गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा, गांव में किसी के बीमार होने पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस या अन्य वाहन तक नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
प्रशासनिक उपेक्षा से ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर पंचायत से लेकर प्रखंड प्रशासन तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है.
