Gaya Ji News : देश की अति प्राचीनतम नगरी व पितरों की मोक्ष स्थली गया जी में विष्णुपद कॉरिडोर निर्माण के दौरान मंदिर क्षेत्र के सूर्यकुंड के पास भगवान विष्णु के 10 अवतारों की मूर्तियां भी स्थापित होंगी. इसके लिए एक भव्य मंदिर भी बनाया जा सकता है.
स्थानीय एक तीर्थपुरोहित ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर को लेकर जब दूसरे चरण में सर्वे का काम हो रहा था, तभी भगवान विष्णु के दशावतार मंदिर बनाने की भी चर्चा सर्वे में शामिल लोगों द्वारा की गयी थी.
बताया गया था कि भगवान विष्णु के दशावतार की बनने वाले मंदिर में उनके सभी अवतारों की मूर्तियां स्थापित की जायेंगी. हालांकि, पंडा समाज के विरोध पर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर के हस्तक्षेप के बाद अब विष्णुपद कॉरिडोर निर्माण को लेकर नये सिरे से सर्वे का काम होगा. तीसरी बार होने वाले सर्वे में भगवान विष्णु के दशावतार मंदिर को शामिल किया जाता है या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा.
विष्णु के दस अवतार
धार्मिक ग्रंथों व पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु का पहला मत्स्य अवतार हुआ था. भगवान विष्णु का दूसरा कूर्म अवतार, तीसरा वराह अवतार, चौथा नरसिंह अवतार, पांचवां वामन अवतार, छठा परशुराम अवतार, सातवां श्री राम अवतार, आठवां श्री कृष्ण अवतार और नौवां बुद्ध अवतार हो चुका है. जबकि भगवान विष्णु का कल्कि अवतार दसवां और भविष्य का अवतार होगा.
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि कलियुग के अंत में धर्म की पुनः स्थापना करने के लिए भगवान विष्णु यह विशेष अवतार लेंगे. श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल ने इस बाबत बताया कि भगवान विष्णु का चरण विष्णुपद मंदिर में स्थित है, इसलिए उनके दशावतार का मंदिर जरूर बनना चाहिए.
उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की कि यह मंदिर विष्णुपद मंदिर प्रांगण में ही बने तो बेहतर होगा, हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उक्त मंदिर निर्माण को लेकर उनके पास अभी किसी तरह की आधिकारिक सूचना या जानकारी नहीं है.
नए सिरे से होगा सर्वे
विष्णुपद मंदिर में 3090 करोड़ रुपये की भारी लागत से बनने वाले विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर निर्माण का पंडा समाज के विरोध के बाद अब एक बार फिर नये सिरे से सर्वे का काम होगा. विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर निर्माण को लेकर अब तक दो बार संवेदक एजेंसी के माध्यम से सर्वे का काम सरकारी स्तर पर कराया गया है.
पंडा समाज के तीव्र विरोध पर विष्णुपद कॉरिडोर के निर्माण पर तत्काल जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर द्वारा ब्रेक लगा दी गयी है. पहली बार जब कॉरिडोर निर्माण को लेकर सर्वे शुरू हुई थी, तब मंदिर स्थल से 75 मीटर की चौहद्दी को डेवलप करने की योजना निश्चित थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्थल निरीक्षण के बाद अब इसकी सीमा बढ़ाकर 200 मीटर कर दी गयी है.
108 फुट ऊंची प्रतिमा
बनने वाला यह भव्य कॉरिडोर पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर पूरी तरह विकसित होगा. फल्गु नदी के बीच में 108 फुट ऊंची मिश्र धातु की भगवान विष्णु की विशाल प्रतिमा स्थापित होगी, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण रहेगी.
इसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में 694 नये स्ट्रक्चर भी विकसित किये जाएंगे, जिनमें कमर्शियल शॉप (व्यावसायिक दुकानें), पिंडदानियों के लिए सर्वसुविधायुक्त शेड और आधुनिक पार्किंग व्यवस्था सहित 694 स्ट्रक्चर मुख्य रूप से शामिल हैं.
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