डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं शेरघाटी निवासी विमल कुमार की हत्या के विरोध में मंगलवार की शाम शहर में कैंडल मार्च निकालकर लोगों ने न्याय की मांग की. विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर शहर के गोला बाजार, राम मंदिर सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए थाना मोड़ तक कैंडल मार्च निकाला. इसके बाद एसडीओ एवं डीएसपी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी.
ज्ञापन में हत्याकांड के पीछे छिपी पूरी साजिश का पर्दाफाश करने, सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोरतम सजा दिलाने तथा मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग उठायी गयी. कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना है कि इस घटना ने आम लोगों और सरकारी अधिकारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, इसलिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच आवश्यक है.
कैंडल मार्च के दौरान "इओ विमल कुमार के हत्यारों को फांसी दो", "विमल कुमार हत्याकांड की सीबीआइ जांच हो" और "हाथों में मशाल है, न्याय का सवाल है" जैसे नारे लगाये गये. लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की.
गौरतलब है कि एक जुलाई की रात डेहरी से पटना लौटने के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उनके चालक पर हत्या का आरोप है. वहीं, आईजी विकास वैभव ने मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है, जो विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
कैंडल मार्च में महेंद्र अग्रवाल, पवन किशोर, प्रमोद वर्मा, रिंकू उर्फ नज़ीर, राजीव पाठक, सुनील अग्रवाल, दीनानाथ पांडेय, प्रवेश वर्मा, डॉ. पंकज अग्रवाल, दिनेश यादव, शकील खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
