Gayaji News : विद्यार्थियों की शैक्षणिक, छात्रावास और अन्य समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के लिए सोमवार को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत की गयी. जेडी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पोर्टल का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कॉलेज की छात्राओं से संवाद कर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी ली. पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी कभी भी अपनी शिकायत या सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए 1100 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध करायी गयी है. सेवा नि:शुल्क होगी और शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जायेगी.
30 दिनों में होगा शिकायतों का निष्पादन, लापरवाही पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन करना अनिवार्य होगा. शिकायतकर्ता को समाधान की लिखित सूचना भी दी जायेगी. शिकायत मिलने के बाद 10 दिनों तक कार्रवाई शुरू नहीं होने पर 11वें दिन पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस स्वत: जारी होगा. इसके बाद भी 30 दिनों के अंदर शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ लगाया जायेगा. इसमें विद्यार्थी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे. वहीं, 25 अगस्त से राज्य के सभी स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जायेगा. मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में 96 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है.
551 स्थानों पर विकसित होंगे आधुनिक मॉडल स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. राज्य के 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों को मिलाकर 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूल विकसित किये जा रहे हैं. विद्यार्थियों को घर से मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाई में सहायता देने के लिए देर रात तक लाइव शिक्षक सपोर्ट की सुविधा भी विकसित की जा रही है.
211 नये डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी
उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एक साथ 211 नये डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में कदम उठाया गया है. इसके अलावा 342 बीएड कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम की सहमति से उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे. आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 10 रुपये में इंजीनियरिंग और पांच रुपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा जैसी पहल की जा रही है. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत करीब 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करायी गयी है.
सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण
मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षा और सशक्तीकरण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता दी जा रही है. सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत तथा पंचायती राज और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण से उनकी भागीदारी मजबूत हुई है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े गया के अधिकारी
कार्यक्रम के दौरान गया समाहरणालय सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम शशांक शुभंकर, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता, डीइओ सहित विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य जुड़े. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विकास और परिवर्तन के नये दौर में प्रवेश कर चुका है. राज्य का बजट अब 3.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. पाटलिपुत्र, नालंदा, विक्रमशिला और चाणक्य की ज्ञान परंपरा को आधुनिक विकास से जोड़कर बिहार को विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी है.
