Gaya News : अगर वक्फ में गैर मुस्लिम, तो मठों व संस्थाओं में बदलाव क्यों नहीं

Gaya News : धनिया बगीचा में आयोजित भीम संवाद में केंद्रीय मंत्री ने वक्फ को लेकर रखी बात

गया. डेल्हा स्थित धनिया बगीचा में आयोजित भीम संवाद में केंद्रीय मंत्री सह सांसद जीतनराम मांझी का सोमवार की देर रात नागरिक अभिनंदन किया गया. उक्त कार्यक्रम का आयोजन जदयू महानगर के जिलाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद उर्फ राजू वर्णवाल व हम महानगर अध्यक्ष मुकेश चौधरी ने संयुक्त रूप से किया. सभा को संबोधित करते हुए जीतनराम मांझी ने नये भारत के निर्माण के लिए आंबेडकर की विरासत का पथ प्रदर्शक बनने का आह्वान किया. मंत्री ने कहा कि वे विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा में बाबा साहेब और अन्य महान नेताओं की दूरदर्शिता, विरासत और अनुकरणीय कार्यों से प्रेरणा लें. उन्होंने कहा जब सीएए का मामला आया, तो उस समय भी इसी तरह का उद्वेग आया, हम भी आपके साथ थे. जब वह कानून सम्मत हो गया, तो क्या हो रहा है. तीन तलाक जब मामला आया, तो लगा कि हम किसी धर्म का सामाजिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं, लेकिन हम भी मानते हैं कि समाज में मर्दों के अनुरूप ही महिलाओं का स्वरूप होना चाहिए. तीन तलाक के बाद 70 प्रतिशत महिलाएं सशक्त हुईं. आज जो वक्फ बिल आया है, हम भी हाथ उठानेवाले में थे. उसे कमेटी में भेज दिया गया. 14-14 घंटे तक पार्लियामेंट में बहस चली. हम तो यही समझते हैं कि वक्फ दान है. हमलोग के यहां कहा गया है जो समर्थ लोग हैं, उन्हें दान देना बेकार है. उसी तरह वक्फ में हजारों-हजारों करोड़ की संपत्ति रख करके कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं. ऐसी ही स्थिति हमारे यहां मठ आदि में है. हम नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने वक्फ बिल में पांच संशोधन दिये, पांचों मान लिया गया. मेरा इस बात को लेकर विराेध है कि हिंदुओं के मठों व संस्थाओं में दूसरे धर्म के लोग क्यों नहीं हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए और में अंतिम-अंतिम तक संशोधन के लिए भी लड़ूंगा और कहूंगा कि जब मुसलमान की संस्था है, वहां मुसलमान ही रहे. जब हिंदू में ऐसा नहीं तो फिर वहां भी ऐसा होना चाहिए. लेकिन, मेरा मानना है कि जब मुस्लिम के संस्था में गैर मुस्लिम रह सकते हैं, तो हिंदू के संस्था में भी ऐसा होना चाहिए. नीतीश कुमार ने अपने पूरे कार्यकाल में आंबेडकर के विचारों को मूल स्वरूप बनाया कार्यक्रम में राजू बरनवाल ने भी कहा कि जातीय गणना के बाद लगभग 20% की आबादी को आरक्षण के प्रावधानों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बढ़ाया है. नीतीश कुमार ने अपने पूरे कार्यकाल में आंबेडकर के विचारों को अपने शासन का मूल स्वरूप बनाया है. सत्ता में आने के बाद नीतीश कुमार ने दलित समाज के लिए काम करना शुरू किया. मुस्लिमों के लिए भी काफी काम किया गया है. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित जदयू के प्रभारी अरमान उर्फ गुड्डू, जदयू नेता इकबाल हुसैन, हम नेता रोमित कुमार, नारायण मांझी , टूटू खां,अंकुश बग्गा, कमांडर, रमेश सिंह, प्रो. अनिल कुमार, अशोक चौधरी, विनोद,संटु कुमार, जगत नारायण, विकास सहित अन्य मौजूद थे.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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