Success Story: दलित परिवार का बेटा बना जल संसाधन विभाग का जूनियर इंजिनियर, फिलहाल कर रहे है ये काम

Success Story: गया के गौतम कुमार दास का चयन जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजिनियर के पद पर हुआ है. गौतम के पिता ग्रामीण चिकित्सक और मां आशा कार्यकर्ता है.

Success Story: गया के शेरघाटी प्रखंड के चांपी पंचायत के रहने वाले वासुदेव दास के पुत्र गौतम कुमार दास का जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजिनियर (जेई) के पद पर चयन हुआ है. गौतम कुमार के चाचा कुशाल दास ने बताया कि गौतम वर्तमान में अमीन के पद पर कार्यरत है. उन्होंने कहा कि उसके पिता वासुदेव दास ग्रामीण चिकित्सक हैं जबकि उसकी मां लखी देवी आशा कार्यकर्ता है. बेटे की सफलता के बाद पूरा परिवार खुश है.

गौतम कुमार दास

क्या बोले वासुदेव दास

गौतम के पिता वासुदेव दास ने कहा कि इसकी प्रारंभिक से दसवीं तक की शिक्षा वी आर अंबेडकर आवासीय विद्यालय गोपालपुर में शुरू हुई. इंटर की पढ़ाई एसएमएसजी कॉलेज शेरघाटी से पुरा किया है. गौतम के पिता ने बताया कि मेरे पुत्र को जूनियर इंजिनियर के पद पर सफलता मिली है. जल संसाधन विभाग में इसकी पोस्टिंग हुई है. अभी वह भू -राजस्व विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत हैं.

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गांव में खुशी की लहर

वासुदेव दास ने कहा कि गौतम ने नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखा. कड़ी मेहनत के बाद उसने सफलता प्राप्त किया है. इस सफलता पर गौतम ने कहा कि मेरे माता-पिता ने सभी परेशानियों को झेलते हुए मुझे इस काबिल बनाया है. उनके आशा एवं आकांक्षाओं पर मैं खरा उतरने का प्रयास करूंगा. इधर गौतम का जल संसाधन विभाग में चयन होने के बाद गांव के युवाओं में खुशी है. युवा उससे प्रेरणा लेकर आगे की पढ़ाई में जुट गए हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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