टिकारी नगर पर्षद के उप मुख्य पार्षद एवं युवा समाजसेवी सागर दीवान का अंतिम संस्कार सोमवार को टिकारी के डुमरसन घाट पर गमगीन माहौल में संपन्न हुआ. छोटे भाई आकाश ने बड़े भाई सागर को मुखाग्नि दी.
इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, नगर पर्षद के पार्षद, मित्रगण एवं आम नागरिक उपस्थित होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी.
सागर की अंतिम यात्रा तिताइगंज आवास से शुरू हुई, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए. विधायक अजय कुमार, पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार, मुख्य पार्षद अजहर इमाम, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, कार्यपालक पदाधिकारी राजेश कुमार झा समेत वार्ड पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, आम लोगों और दोस्तों ने सागर को श्रद्धासुमन अर्पित किए. "सागर अमर रहें" के नारों से पूरा टिकारी गूंज उठा.
सागर दीवान के असामयिक निधन से पूरे टिकारी क्षेत्र में शोक की लहर है. अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने उन्हें एक जिंदादिल, मिलनसार, संवेदनशील और सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहने वाला युवा बताया.
कोरोना महामारी के कठिन दौर में उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जरूरतमंदों की सहायता कर मानवता की मिसाल पेश की थी. सामाजिक समर्पण, सेवा भावना और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेगी और उनका निधन टिकारी के लिए अपूरणीय क्षति है.
नगर पर्षद कार्यालय में आयोजित हुई शोक सभा
सागर के निधन पर नगर पर्षद कार्यालय में एक शोक सभा का आयोजन किया गया. नप कार्यपालक पदाधिकारी राजेश कुमार झा व मुख्य पार्षद अजहर इमाम के नेतृत्व में दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कामना की गई.
श्री झा ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि नप कार्यालय के लिए भी यह अपूरणीय क्षति है. वहीं, अजहर इमाम ने कहा कि टिकारी को विकसित बनाने में एक अहम सहयोगी को हमने खो दिया है.
इस शोक सभा में कमलेश शुक्ला, उत्तम कुमार, पिरेन्द्र मिश्रा, सतीश कुमार, वार्ड पार्षद अरशद आलम, नीतीश कुमार, रणजीत कुमार, गुड्डू कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे.
प्रतिमा लगाने और सड़क का नामकरण करने की उठी मांग
पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि सागर दीवान की आदमकद प्रतिमा नगर पर्षद में लगाई जाए तथा नगर पर्षद कार्यालय में बने सामुदायिक भवन का नाम सागर के नाम पर रखा जाए.
जबकि कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने टिकारी नगर की एक सड़क का नामकरण भी सागर के नाम पर करने की मांग रखी. कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी मांगों पर सहानुभूति के साथ विचार करने की बात कही है.
