Gaya Ji Railway Station : गया जी रेलवे स्टेशन पर निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव के नेतृत्व में गश्त कर रही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित दिल्ली फुट ओवरब्रिज के पास एक 14 वर्षीय किशोर को डरे और सहमे हुए देखा. टीम ने तत्काल उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आरपीएफ पोस्ट लेकर पहुंची.
पूछताछ में सामने आई घर छोड़ने की वजह
आरपीएफ द्वारा पानी और बिस्कुट देने के बाद किशोर से पूछताछ की गई. उसने बताया कि वह गया जिले के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है. पढ़ाई को लेकर घर में अक्सर डांट पड़ने से परेशान होकर वह ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकल आया था और किसी ट्रेन से कहीं जाने की योजना बना रहा था.
ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत सुरक्षित संरक्षण
आरपीएफ अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते किशोर को नहीं रोका जाता तो वह किसी अनहोनी या मानव तस्करी जैसे अपराध का शिकार हो सकता था. इसी को देखते हुए ऑपरेशन "नन्हे फरिश्ते" के तहत उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के केस वर्कर के सुपुर्द कर दिया गया.
अभिभावकों से संवाद बनाए रखने की अपील
गया जी आरपीएफ इंस्पेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न डालें और उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखें. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में समय रहते काउंसलिंग कराना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक है.
बच्चा लापता हो तो तुरंत दें सूचना
रेलवे सुरक्षा बल ने लोगों से अपील की कि यदि कोई बच्चा घर से लापता हो जाए तो बिना देरी किए आरपीएफ, जीआरपी या स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें. समय पर सूचना मिलने से बच्चों को सुरक्षित खोजने और संभावित अपराधों से बचाने में मदद मिलती है.
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