Gaya ji News : गया जी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गया की टीम ने सोमवार को ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत 13 वर्षीय एक नाबालिग बालक को सुरक्षित रेस्क्यू कर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया. समय रहते की गई इस कार्रवाई से बच्चे के साथ किसी संभावित अप्रिय घटना की आशंका टल गई.
गश्त के दौरान डरा-सहमा मिला बच्चा
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार और आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली एंड स्थित फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के पास एक नाबालिग बच्चा डरा-सहमा अवस्था में अकेला खड़ा मिला.
काम की तलाश में पहुंचा था गया स्टेशन
पूछताछ में बच्चे ने अपनी उम्र 13 वर्ष बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के टांडा क्षेत्र का निवासी होने की जानकारी दी. उसने बताया कि वह काम की तलाश में गया रेलवे स्टेशन पहुंचा था. बच्चे की स्थिति को देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सूचना दी और उसे सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट लाकर काउंसलिंग कराई.
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया बालक
सूचना मिलने पर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर सावन कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने नाबालिग बालक को सुरक्षित अवस्था में आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया.
बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा अभियान
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर भटके, लापता और असहाय बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें संबंधित एजेंसियों के माध्यम से संरक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है. इस अभियान के तहत आरपीएफ लगातार सतर्कता के साथ कार्य कर रही है
