kumar sarvjeet on electricity crisis: जिले में भीषण सुखाड़ और सिंचाई के लिए बिजली संकट के बीच पूर्व कृषि मंत्री एवं राजद नेता कुमार सर्वजीत ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जिला पदाधिकारी और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों के भीतर किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे किसानों के साथ जिला समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे.
"बिजली संकट किसानों के अस्तित्व का सवाल"
पत्रकारों से बातचीत में कुमार सर्वजीत ने कहा कि गया में बिजली संकट अब केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि किसानों के अस्तित्व का सवाल बन चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि खेतों में फसलें सूख रही हैं, कृषि ट्रांसफार्मर महीनों से जले पड़े हैं और किसानों की शिकायतों पर अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं.
कृषि क्लिनिक योजना का किया जिक्र
पूर्व कृषि मंत्री ने अपनी सरकार के समय शुरू की गई कृषि क्लिनिक योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बिजली विभाग पर लगाए भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
कुमार सर्वजीत ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बोधगया विधानसभा क्षेत्र के टनकुप्पा, फतेहपुर और आसपास के इलाकों के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं. उनका दावा है कि भदान गांव में कृषि फीडर का पोल लगाने के नाम पर किसानों से करीब एक लाख रुपये वसूले गए, जिसकी शिकायत शपथपत्र के साथ जिलाधिकारी को सौंपी गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के कार्यपालक अभियंता (एक्सईएन) किसानों का फोन तक नहीं उठाते. उनके अनुसार, प्रभारी मंत्री की बैठक के दौरान भी संबंधित अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं किया.
आठ घंटे बिजली और शेड्यूल जारी करने की मांग
राजद नेता ने मांग की कि यदि ग्रिड पर लोड अधिक है तो रोटेशन सिस्टम लागू किया जाए और प्रत्येक कृषि फीडर को प्रतिदिन लगातार आठ घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए. साथ ही किस पंचायत में किस समय बिजली मिलेगी, इसका दैनिक शेड्यूल अखबारों में प्रकाशित किया जाए, ताकि किसान उसी के अनुसार सिंचाई की योजना बना सकें. उन्होंने कहा कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और पारदर्शी बिजली शेड्यूल जारी नहीं किया गया, तो गया से किसानों के अधिकारों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.
शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे भी उठाए
सरकार पर निशाना साधते हुए कुमार सर्वजीत ने कहा कि सरकार किसानों और युवाओं के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है. उन्होंने मगध विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र दो वर्ष पीछे होने, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को भी गंभीर चिंता का विषय बताया.
राजनीतिक सवाल पर दिया जवाब
पत्रकारों द्वारा दिवेश कुमार के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर कुमार सर्वजीत ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा, "हो सकता है सम्राट चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा से डर गए होंगे."
