Gaya News : आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे के विरोध में बुधवार को गांधी मैदान से जन आक्रोश मार्च निकाला गया. मार्च डाक बंगला रोड होते हुए समाहरणालय के पास पहुंचा, जहां संबंधित विभाग के केंद्रीय मंत्री एवं बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन का पुतला दहन किया गया. मार्च का नेतृत्व जन सुराज के नेता टाइगर लक्ष्मण मांझी ने किया.
मार्च में बड़ी संख्या में आरक्षण समर्थक हुए शामिल
जन आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में सहयोगी, सामाजिक कार्यकर्ता और आरक्षण समर्थक शामिल हुए. समाहरणालय के पास पहुंचने के बाद आयोजित सभा में आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे पर वक्ताओं ने अपनी आपत्ति जतायी और इसे लेकर विरोध दर्ज कराया.
आरक्षण की मूल भावना की रक्षा जरूरी : टाइगर लक्ष्मण मांझी
सभा को संबोधित करते हुए टाइगर लक्ष्मण मांझी ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के वंचित और शोषित वर्गों को शिक्षा, रोजगार और राजनीति में समान अवसर दिलाना है. यदि आरक्षण के भीतर वर्गीकरण के नाम पर समाज को आपस में बांटा जायेगा, तो इससे सामाजिक एकता कमजोर होगी.
गरीब और वंचित लोगों के अधिकार प्रभावित होने की जतायी आशंका
टाइगर लक्ष्मण मांझी ने कहा कि आरक्षण में वर्गीकरण को लेकर जिस तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं, उससे गरीब और वंचित लोगों के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति या जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और आरक्षण की मूल भावना की रक्षा के लिए है.
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लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का ऐलान
उन्होंने कहा कि संविधान और आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. उन्होंने आरक्षण को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की बात कही.
ये हैं प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में आरक्षण में किसी भी प्रकार के वर्गीकरण का विरोध, आरक्षण की संवैधानिक भावना एवं सामाजिक न्याय के उद्देश्य की रक्षा, गरीब, वंचित और शोषित वर्गों के शिक्षा, रोजगार एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अधिकार सुनिश्चित करना तथा आरक्षण को कमजोर करने वाले प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना शामिल है.
कई लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में विकी कुमार, प्रदीप कुमार, गनौरी मांझी, प्रदेश चौधरी, पप्पू मांझी, रामबली कुमार, अनिल कुमार, राहुल मांझी, प्रिंस कुमार समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे.
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