Engineering College Induction Program : गया जी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक 2026–30 सत्र के नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान प्रो. राहुल कुमार ने "सार्वभौमिक मानवीय मूल्य" विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल कुशल इंजीनियर तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है.
विज्ञान और तकनीक के साथ नैतिकता भी जरूरी
प्रो. राहुल कुमार ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी यह सिखाते हैं कि किसी तकनीक या संसाधन का निर्माण कैसे किया जाए, लेकिन उसका सही उपयोग कब, कहाँ और किस उद्देश्य के लिए किया जाए, इसका निर्णय मानवीय मूल्यों, नैतिकता और विवेक से होता है. उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता तभी सार्थक होती है जब उसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हो.
परमाणु ऊर्जा के उदाहरण से समझाया महत्व
अपने संबोधन में उन्होंने परमाणु ऊर्जा का उदाहरण देते हुए बताया कि इसका उपयोग विनाशकारी हथियार बनाने के साथ-साथ बिजली उत्पादन, चिकित्सा, कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे जनहित के कार्यों में भी किया जा सकता है. इसलिए प्रत्येक इंजीनियर के लिए यह समझना आवश्यक है कि तकनीक का उपयोग समाज के हित में कैसे किया जाए.
जिम्मेदार नागरिक बनने का किया आह्वान
प्रो. राहुल कुमार ने विद्यार्थियों से केवल सफल इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि ईमानदार, जिम्मेदार और समाज के प्रति समर्पित नागरिक बनने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पेशेवर जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन किसी भी तकनीकी उपलब्धि जितना ही महत्वपूर्ण है.
छात्रों ने पूछे प्रोफेशनल एथिक्स से जुड़े सवाल
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने प्रोफेशनल एथिक्स, सामाजिक उत्तरदायित्व और इंजीनियरिंग के मानवीय पक्ष से जुड़े कई प्रश्न पूछे. प्रो. राहुल कुमार ने सभी सवालों के उत्तर सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दिए, जिससे विद्यार्थियों को विषय को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला.
सकारात्मक सोच और चरित्र निर्माण पर रहा जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था. कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
