आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीम ने शनिवार को 'ऑपरेशन अमानत' के तहत अपनी सतर्कता और ईमानदारी का परिचय देते हुए एक यात्री का ₹97 हजार नकद से भरा लैपटॉप बैग सुरक्षित बरामद कर उसे सही-सलामत वापस सौंप दिया.
यह पूरी कार्रवाई रेल मदद पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर त्वरित रूप से की गई.
सासाराम से गया यात्रा के दौरान छूटा था बैग
आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता के पुत्र शिवम कुमार ने रेल मदद पर शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि उनके पिता अनिल कुमार (निवासी कुढ़नी, जिला कैमूर) ट्रेन संख्या 13306 सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस के साधारण कोच में सासाराम से गया की यात्रा कर रहे थे. यात्रा के दौरान वे अपना काले रंग का लैपटॉप बैग ट्रेन में ही भूल गए थे.
वीडियो कॉल से कराई गई पहचान, मिले 97 हजार नकद
शिकायत की सूचना मिलते ही गुरपा स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात आरपीएफ जवान प्रभात कुमार ने तत्परता दिखाई. उन्होंने ट्रेन के संबंधित कोच की तुरंत तलाशी ली और बैग को सुरक्षित बरामद कर लिया. इसके बाद मोबाइल पर वीडियो कॉल के माध्यम से यात्री से बैग की पहचान कराई गई.
बैग की जांच के दौरान उसमें ₹500 के 116 नोट और ₹200 के 195 नोट, यानी कुल ₹97,000 नकद पाए गए. आरपीएफ की टीम ने ईमानदारी का परिचय देते हुए नकद राशि की पूरी जानकारी यात्री को दी, जिस पर परिजनों ने आरपीएफ की कार्यशैली की जमकर सराहना की.
आवश्यक सत्यापन के बाद सौंपी गई अमानत
बाद में बैग के मूल मालिक अनिल कुमार स्वयं गुरपा आरपीएफ आउट पोस्ट पहुंचे. वहां आवश्यक कागजी कार्रवाई, सत्यापन और सुपुर्दगीनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लैपटॉप बैग और उसमें रखे पूरे ₹97 हजार नकद उन्हें सुरक्षित सौंप दिए गए. अपनी अमानत वापस पाकर यात्री ने आरपीएफ टीम का आभार व्यक्त किया.
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