Gaya Ji News: गया-औरंगाबाद सीमा पर स्थित छकरबंधा-लांगुराही और पंचरूखिया के जंगल में सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान के दौरान एक देशी निर्मित थ्रेनेट राइफल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के जवानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से हथियार और कारतूस को जंगल में छिपाकर रखा था. समय रहते बरामदगी होने से नक्सलियों की साजिश नाकाम हो गई.
चट्टान के नीचे बोरी में छिपा था हथियार
जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों बरहा-छकरबंधा जंगल के करम स्थान के समीप एके-47 की खाली मैगजीन और कुछ कारतूस बरामद हुए थे. इसके बाद सीआरपीएफ सी-47वीं वाहिनी के कमांडेंट अवधेश कुमार के निर्देशन में लांगुराही कैंप के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान शुरू किया.
जवानों ने चलाया तलाशी अभियान
गुप्त सूचना के आधार पर लांगुराही और छकरबंधा कैंप के जवानों ने संयुक्त रूप से जंगल में तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान लांगुराही कैंप से करीब 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में एक चट्टान के नीचे बोरी में छिपाकर रखा गया हथियार बरामद हुआ. हथियार में जंग लगी हुई थी.
पांच जिंदा कारतूस भी मिले
सीआरपीएफ अधिकारी के अनुसार, गया जिले के छकरबंधा थाना क्षेत्र और औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र की सीमा से लगे लांगुराही के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. तलाशी के दौरान चट्टानों के बीच रेत की बोरी में छिपाकर रखी देशी निर्मित थ्रेनेट राइफल और 8 एमएम के पांच जंग लगे जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
सुरक्षा बलों ने बरामद हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. जंगल में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में सर्च अभियान जारी रखा गया है.
Also Read: गया जी नगर निगम पर घोटाले का आरोप, 600 का सेनेटरी पैड बॉक्स 4000 में खरीदा, जांच शुरू
