गया नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ अवशिष्ट उत्पादन को कम करने के लिए केंद्र की ओर से ट्रिपल आर कंसेप्ट को लागू करने को लेकर एक ढांचा बनाया गया. उक्त अभियान के तहत सभी वार्डों में प्रचार प्रसार कर रिड्यूस, रियूज व रिसाइकिल के पक्ष में लोगों को प्रेरित करने के लिए वाहन के उपयोग का फैसला लिया गया. वाहन को इस ढंग से सजाना था कि उसमें इस योजना का पूरा कंसेप्ट दिखे. इसके प्रचार-प्रसार को लेकर एक मोबाइल वैन निगम में बनाया गया. आश्चर्य की बात है कि वाहन के कागजात की जांच यहां पहले किसी ने करना उचित नहीं समझा. गाड़ी को मॉडिफाइ करके उसे प्रचार-प्रसार के योग्य बनाया गया.
निगम से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रिपल आर के प्रचार के लिए जिस वाहन को लिया गया उसका रजिस्ट्रेशन ही कई वर्ष पहले फेल हो चुका है. मामला पेमेंट पर अटक कर रह गया है. संबंधित एजेंसी ने बिल प्रस्तुत किया, तो जांच के क्रम में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन फेल होने की बात सामने आयी.
लेखा शाखा ने पकड़ी गलती
निगम से मिली जानकारी के अनुसार, लेखा शाखा में फाइल पेमेंट के लिए गया, तो वहां के पदाधिकारी ने गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं होने की बात कह दी. इसके बाद जांच की गयी, तो सामने आया कि गाड़ी के आदेश देने से पहले उसके कागजात की ही जांच नहीं हो सकी है. इसके बाद इस फाइल को बंद कर दिया गया. इसमें भी पेमेंट लाखों रुपये का था.
गाड़ी को किया जाएगा वापस
स्वच्छता पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते पेमेंट को रोक दिया गया है. आगे इस वाहन का निगम में उपयोग भी नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि गाड़ी एजेंसी को लौटाया जायेगा. अधिकारी इस मामले में सख्त हैं.
