Gaya Ji News : सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन को जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए. हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 व भारत सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है.
उक्त बातें नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) के विशेष मॉनिटर देवेंद्र सिंह धपोला ने नगर निगम कर्मचारियों की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए कहीं.
उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) का अनिवार्य उपयोग, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा, प्रशिक्षण, आपातकालीन बचाव व्यवस्था तथा सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की आवश्यकता है. सभी संबंधित पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा का सहारा न लिया जाए.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर के नगर निगम में आने पर नगर आयुक्त डॉ गगन ने पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया. उन्होंने सेप्टिक टैंक एवं सीवर सफाई कार्य में संलग्न सफाईकर्मियों की सुरक्षा, गरिमा, मानवाधिकार तथा उनके वैधानिक अधिकारों के संबंध में जानकारी दी.
अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों से कराई जाती है सफाई: नगर आयुक्त
बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम में सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई एआई आधारित पूर्णतः मशीनों से कराई जाती है. इसके लिए निगम के पास अत्याधुनिक मशीनें एवं उपकरण उपलब्ध हैं.
जिनमें सुपर सकर मशीन, कंबाइंड सक्शन-कम-जेटिंग मशीन, डंप टैंक मशीन, हाई प्रेशर जेटिंग मशीन, सीवर निरीक्षण कैमरा, ट्राइपॉड रेस्क्यू सिस्टम, गैस डिटेक्टर, ब्लोअर, पीपीई किट, सेफ्टी हार्नेस, हेलमेट, दस्ताने, गमबूट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण शामिल हैं. इन आधुनिक संसाधनों की सहायता से सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से कराई जाती है.
सफाईकर्मियों के कल्याण के लिए निगम चला रहा है कई योजनाएं
उन्होंने आयोग के सदस्य को बताया कि नगर निगम की ओर से सफाईकर्मियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा प्रशिक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का वितरण, समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम तथा शासन द्वारा निर्धारित अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उनकी कार्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य का समुचित संरक्षण सुनिश्चित हो सके.
निगम की ओर से वर्तमान समय में कराए जा रहे काम की नेशनल ह्यूमन राइट्स के विशेष मॉनिटर ने सराहना की. इस मौके पर स्वच्छता पदाधिकारी चंदन कुमार, शुभम कुमार आदि मौजूद थे.
