राज्यपाल सचिवालय (बिहार लोक भवन, पटना) के निर्देशानुसार मगध विश्वविद्यालय के मन्नूलाल केंद्रीय पुस्तकालय में दो दिवसीय विशेष शिकायत निवारण शिविर का शुभारंभ हुआ.
शिविर का विधिवत उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी द्वारा किया गया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे.
शिविर के पहले दिन कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से कुल 340 मामले दर्ज किए गए, जिन्हें श्रेणीबद्ध किया गया है.
इसमें बकाया वेतन अंतर के कुल 223 मामले (जिनमें शिक्षक वर्ग से 126 और शिक्षकेतर कर्मचारी वर्ग से 97 मामले शामिल हैं) तथा पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़ी कुल 117 शिकायतें प्राप्त हुईं.
पेंशन की शिकायतों में सामान्य पेंशन के 33, चौथे फेज के 14 और एस.बी. सिंह समिति से संबंधित पेंशनधारियों के 70 मामले शामिल हैं.
''मिशन मोड'' में लंबित मामलों के समाधान की पहल
बिहार लोक भवन द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन और पेंशन मामलों को 20 जुलाई तक 'मिशन मोड' में निपटाने का निर्देश दिया गया था.
इसके बाद भी जिन कर्मियों के मामले लंबित रह गए हैं, उनके त्वरित समाधान के लिए राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के निर्देश पर 27 एवं 28 जुलाई को विश्वविद्यालय मुख्यालयों में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.
14 अगस्त तक करना है मामलों का निबटारा
मगध विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह शिकायत निवारण शिविर मंगलवार (28 जुलाई) को भी जारी रहेगा, जहां शेष बचे हुए कर्मचारी अपने आवेदन जमा कर सकते हैं.
प्राप्त सभी आवेदनों को श्रेणीबद्ध कर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है. लोकभवन के स्पष्ट निर्देशानुसार विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी 14 अगस्त तक इन सभी प्राप्त मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करेगा.
