Bodhgaya Jagannath Rath Yatra : बोधगया स्थित प्राचीन श्रीजगन्नाथ मंदिर से भव्य रथों पर सवार होकर भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा नगर भ्रमण करने के बाद शाम को बोधगया मठ पहुंचे. यहां उनका मठ के सन्यासियों के साथ ही स्वयंसेवकों व हजारों श्रद्धालुओं ने अत्यंत भव्य स्वागत किया. जय जगन्नाथ के गगनभेदी नारों से पूरा मठ परिसर गूंज उठा और इसमें महिला, पुरुष, युवक-युवतियों ने अपार भक्ति और श्रद्धा के साथ भगवान के रथ को खींचते हुए बोधगया मठ तक पहुंचाया. यहां उनकी भव्य आरती उतारी गई और विशेष पूजा-अर्चना के बाद उन्हें रात्रि विश्राम कराया गया.
तकनीकी खराबी के कारण रथयात्रा का रूट बदला
श्रद्धालुओं के लिए बोधगया मठ की ओर से प्रसाद रूपी विशाल भंडारे का आयोजन कराया गया. इस भक्तिमय दौरान यहां सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भी आयोजन किए गए. मठ परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि भगवान श्रीजगन्नाथ स्वयं साक्षात मठ परिसर में पधार चुके हैं. हालांकि, भगवान श्रीजगन्नाथ के रथ के पहिए में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण नगर भ्रमण के दौरान बोधगया के गोदाम रोड, मौसा मोड़ के साथ ही राजापुर मोड़ तक रथों को नहीं ले जाया जा सका और सीधे बोधगया मठ में प्रवास कराया गया.
शुक्रवार की सुबह निकलेगी पावन पावड़ा यात्रा
यहां मठ के महंत त्रिवेणी गिरि, सन्यासी स्वामी विवेकानंद गिरि, स्वामी सत्यानंद गिरि, स्वयंसेवक संजय कुमार सिंह, संजय यादव, सुरेंद्र गुप्ता सहित दर्जनों स्वयंसेवकों व श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ का स्वागत किया. अब शुक्रवार की सुबह यहां से पारंपरिक व पावन पावड़ा यात्रा श्रद्धा के साथ निकाली जाएगी और वापस मुख्य जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान को उनके मूल गर्भगृह में आदरपूर्वक विराजमान कराया जाएगा.
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