पितृपक्ष में पहली बार लेजर लाइट शो से दिखेगा गया जी का इतिहास, फल्गु में फव्वारों से होगा धार्मिक महत्व का प्रदर्शन

गया जी नगर निगम बोर्ड की बैठक मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पितृपक्ष मेला के दौरान लेजर शो, कचरे पर इत्र का छिड़काव और शीतल पेयजल जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. बैठक में डीजल हेराफेरी पर कार्रवाई, 44 नए लाइब्रेरी बनाने के निर्णय और खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक लगाने को लेकर भी चर्चा हुई.

Gaya Pitru Paksha Mela : पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों को गयाजी का एक अलग स्वरूप देखने को मिलेगा, क्योंकि पहली बार लेजर लाइट शो और फल्गु नदी में फव्वारों के माध्यम से गया जी के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित की जायेगी और उक्त बातें नगर निगम बोर्ड की बैठक में मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहीं.

पितृपक्ष मेला की तैयारियां और स्वच्छता व्यवस्था

मेयर ने कहा कि गया जी की पहचान पितृपक्ष मेला से है तथा देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

मेला के दौरान सफाई, पेयजल, रोशनी, सड़क और नाली की मरम्मत सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है और कचरे से दुर्गंध न निकले इसके लिए इत्र का छिड़काव किया जायेगा तथा कचरे की ढुलाई पूरी तरह ढककर की जायेगी.

डीजल हेराफेरी मामले में जांच और कार्रवाई

डीजल हेराफेरी मामले पर सवाल उठाए जाने पर नगर आयुक्त डॉ. गगन ने कहा कि उक्त मामले की जानकारी होते ही स्वच्छता पदाधिकारी और डीजल सहायक पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

स्वच्छता पदाधिकारी से कोई काम नहीं लिया जाएगा तथा डीजल सहायक को भी इस काम से मुक्त कर दिया गया है और जांच के लिए गठित कमेटी द्वारा सभी मामलों में प्रपत्र 'क' का गठन किया जाएगा.

लाइब्रेरी निर्माण और शीतल पेयजल की व्यवस्था

सशक्त स्थायी समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि 16 जगहों पर लाइब्रेरी बनाने का काम पूरा हो गया है तथा 44 अन्य जगहों पर 15 लाख की लागत से लाइब्रेरी बनाने का काम जल्द शुरू किया जायेगा ताकि बच्चों को इसका लाभ मिले.

साथ ही, तीर्थयात्रियों को उमसभरी गर्मी से राहत देने के लिए मेला क्षेत्र में शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाएगी.

खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सदन की सख्ती

बैठक में नगर आयुक्त द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि शहर में खुले में मांस-मछली की बिक्री उचित नहीं है, और यदि ऐसा किया जाता है तो दुकानों पर पर्दे की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए तथा अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जरूरत है जिससे शहर की स्वच्छता बेहतर हो सके.

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By जितेद्र मिश्रा

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