बिहार में अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर खुलेंगे डाकघर, युवाओं को मिलेगा रोजगार का सुनहरा अवसर, ऐसे करें आवेदन

India Post News: फ्रेंचाइजी लेने वाले आवेदकों को कुछ निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा. स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें 10 हजार रुपये का किसान विकास पत्र (KVP) खरीदना अनिवार्य होगा. यह राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा रहेगी.

गया से रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट
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देशभर में डाक सेवाओं के विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से डाक विभाग ने बड़ी पहल की है. अब इच्छुक लोग अपने क्षेत्र में डाकघर की फ्रेंचाइजी लेकर डाक सेवाओं का संचालन कर सकेंगे. विभाग की इस नई योजना से खासकर ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है.

जहां डाकघर नहीं वहां फ्रेंचाइजी से मिलेगी सुविधा

डाक विभाग के अनुसार यह योजना उन क्षेत्रों के लिए शुरू की गई है, जहां पूर्णकालिक डाकघर खोलना संभव नहीं है. फ्रेंचाइजी केंद्रों के माध्यम से लोगों को उनके घर के आसपास ही कई जरूरी डाक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच भी बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

योजना को लेकर लोगों में दिख रहा उत्साह

डाक विभाग की इस पहल को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक फ्रेंचाइजी संचालन के लिए पांच आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. सभी आवेदनों की जांच की जा रही है और पात्र आवेदकों को प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी.

मंजूरी मिलने के बाद जमा करनी होगी सुरक्षा राशि

फ्रेंचाइजी लेने वाले आवेदकों को कुछ निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा. स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें 10 हजार रुपये का किसान विकास पत्र (KVP) खरीदना अनिवार्य होगा. यह राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा रहेगी. विभाग का कहना है कि इससे संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी.

स्पीड पोस्ट से लेकर बीमा तक की सुविधा

डाक विभाग के मार्केटिंग अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि फ्रेंचाइजी केंद्रों पर स्पीड पोस्ट बुकिंग, रजिस्टर्ड डाक, पोस्टल पार्सल बुकिंग, डाक टिकट और राजस्व टिकट बिक्री जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा केंद्र संचालक डाक विभाग की बीमा योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी कर सकेंगे.

गंगाजल की बिक्री से भी होगी अतिरिक्त आय

फ्रेंचाइजी केंद्रों पर धार्मिक आस्था से जुड़े उत्पादों में शामिल गंगाजल की बिक्री की भी अनुमति होगी. इससे केंद्र संचालकों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा. ग्रामीण और छोटे कस्बों में यह सुविधा लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है.

बैंकिंग सेवाएं नहीं मिलेंगी

वरीय डाक अधीक्षक अंशुमान ने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी केंद्रों पर केवल डाक और रिटेल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां बचत बैंक खाता खोलने, नकद जमा-निकासी, मनी ऑर्डर या अन्य बैंकिंग सेवाएं नहीं दी जाएंगी. वित्तीय लेन-देन से जुड़ी सभी सेवाएं नियमित डाकघरों से ही संचालित होती रहेंगी.

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

डाक विभाग की यह योजना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी मानी जा रही है. कई गांवों में लोगों को डाक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. फ्रेंचाइजी केंद्र खुलने से स्पीड पोस्ट, पार्सल और अन्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो जाएंगी.

छात्रों, व्यापारियों और नौकरी तलाशने वालों को राहत

इस योजना का सीधा लाभ विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों, ऑनलाइन कारोबार करने वालों और नौकरी के लिए आवेदन भेजने वाले युवाओं को मिलेगा. उन्हें दस्तावेज और पार्सल भेजने के लिए दूर स्थित डाकघर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी.

डाक विभाग की नई योजना बदल सकती है ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विशेषज्ञों का मानना है कि डाकघर फ्रेंचाइजी मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने और सेवाओं की पहुंच मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है. यदि योजना सफल रही तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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