गया जी : मगध मेडिकल और सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में घटा स्टॉक, थैलेसीमिया व कैंसर मरीजों की बढ़ी चिंता

गया जी के सरकारी अस्पतालों में ब्लड की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. मगध मेडिकल और सदर हॉस्पिटल के ब्लड बैंकों में क्षमता से बहुत कम यूनिट खून बचा है, जिससे मरीजों की जान पर बन आई है.

Gaya Ji News : मगध मेडिकल अस्पताल व सदर हॉस्पिटल स्थित ब्लड बैंक की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. मगध मेडिकल स्थित ब्लड बैंक में 400 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता है, लेकिन यहां फिलहाल सिर्फ 37 यूनिट ब्लड ही मौजूद है. वहीं, सदर हॉस्पिटल में 100 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता के मुकाबले करीब 40 यूनिट ही स्टॉक में बचा हुआ है. इस ब्लड बैंक से थैलेसीमिया, कैंसर और एप्लास्टिक एनीमिया के मरीजों को बिना डोनेशन के ही ब्लड देना होता है.

मगध मेडिकल से मिली जानकारी के अनुसार, यहां पर उक्त तीनों बीमारियों के मरीजों को हर दिन करीब आठ से 10 यूनिट ब्लड चला जाता है. कहीं से अगर डोनेशन कैंप के माध्यम से ब्लड मिलता भी है, तो यहां स्टॉक नहीं रह पाता है. अस्पताल सूत्रों का कहना है कि तीन माह पहले तक उस वक्त के मगध मेडिकल अस्पताल अधीक्षक ने ब्लड बैंक में 100 यूनिट से कम स्टॉक नहीं होने देने का सख्त निर्देश जारी कर रखा था. हालांकि, इसका हर दिन का रिपोर्ट अब भी उच्च अधिकारियों के पास नियमित जा रहा है.

सामाजिक संगठनों ने मोड़ा मुंह

यहां पर पहले हुई कई घटनाओं को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मगध मेडिकल स्थित ब्लड बैंक के लिए डोनेशन कैंप लगवाना लगभग बंद कर दिया है. अस्पताल सूत्रों का कहना है कि फिलहाल अगर देखा जाये, तो महज एक-दो सामाजिक संगठनों के अलावा यहां के लिए बहुत कम ही डोनेशन कैंप लग पा रहे हैं, जबकि प्रतिदिन होने वाली खपत की संख्या कम नहीं हो रही है.

पूर्व में कई बार यहां ब्लड बेचे जाने का मामला भी उजागर हो चुका है, लेकिन पहले हुई गड़बड़ी की जांच तक आज तक पूरी नहीं हो सकी. सिर्फ एक-दो कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई कर पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया गया. यहां तक कि पहले यहां ब्लड डोनेशन करने के बाद डोनर को जरूरत पड़ने पर कार्ड से ब्लड देना ही बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से डोनेशन करने वाले लोगों ने भी यहां अपनी रुचि दिखाना बंद कर दिया है.

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

जेपीएन हॉस्पिटल के अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार अंबष्ट ने इस संबंध में बताया कि अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में 100 प्लस यूनिट ब्लड रखने का पूरा इंतजाम है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक व डोनर काफी कम रहने के चलते ही कम ब्लड स्टॉक में रह पा रहा है. इसके लिए अब कई स्वयंसेवी संगठनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है.

उधर, मगध मेडिकल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि ब्लड बैंक में इस वक्त ब्लड बहुत ही कम स्टॉक में रह रहा है. इसमें आवश्यक सुधार करने के लिए वहां के वर्तमान प्रभारी को कड़ी चेतावनी दी गयी है और इसमें जल्द ही सकारात्मक सुधार ले आया जायेगा.

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