गया नगर निगम ने लाखों रुपये का सामान खरीदा, पर लोगों को फायदा नहीं

गया नगर निगम द्वारा संसाधनों की खरीद तो होती है. लेकिन इसके उपयोग के लिए सही तैयारी नहीं होने की वजह से ये रखे रखे खराब हो रहे हैं.

गया नगर निगम (Gaya Nagar Nigam) में संसाधन की खरीद के वक्त बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन इसके उपयोग की योजना ही यहां नहीं बनायी जाती है. इस वजह से लाखों रुपये के संसाधन बिना उपयोग के ही सड़ जाते हैं. करीब तीन वर्ष पहले लोगों को शव ले जाने के लिए यहां शव वाहन की खरीद की गयी. इसका उपयोग अब तक नहीं हो सका. अब जानकारी मिल रही है कि इसकी मरम्मत करायी जायेगी. देखा जाये, तो बिना उपयोग के ही मरम्मत की जरूरत पड़ गयी है.

इसके अलावा यहां पर गलियों में झाड़ू लगाने के लिए लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले छोटी स्वीपिंग मशीन की खरीद की गयी. इसका उपयोग भी शहर में झाड़ू लगाने के लिए नहीं किया गया. यह मशीन रखी-रखी खराब हो गयी है. बड़ी स्वीपिंग मशीन भी फिलहाल शहर की सफाई में नहीं चलायी जा रही है. इन दोनों सामान की खरीद शहर को हाइटेक दिखाने की बात बताकर की गयी थी, लेकिन अब शायद किसी को इसको चलवाने की भी फुर्सत नहीं है.

इसके अलावा नालाें की सफाई के लिए नाला मैन नामक मशीन की खरीद की गयी. इसका उपयोग भी एक दिन नहीं हो सका है. यह मशीन पांच वर्ष पहले खरीदी गयी थी. उस वक्त बताया गया था कि इस मशीन की खरीद के बाद इसके माध्यम से नालियों की सफाई आसानी से कर ली जायेगी.

Gaya Nagar Nigam के विकास शाखा कार्यालय परिसर में खड़ा शव वाहन

अस्पतालों में शव को घर तक ले जाने के लिए मुफ्त में शववाहन उपलब्ध कराया जाता है. निगम बोर्ड ने 1100 रुपये व तेल लेकर शववाहन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया है. इस स्थिति में शव वाहन किसी के लिए जल्द लेना संभव नहीं लगता है. ऐसे देखा जाये, तो फिलहाल शव को घर तक ले जाने के लिए आसानी से सरकारी अस्पतालों में शववाहन उपलब्ध हो जाता है.

मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान से इस बारे में जवाब मांगने पर साफ कहा कि शववाहन व अन्य कोई संसाधन का उपयोग अधिकारी के निर्देशन में जिम्मेदार कर्मचारियों को करना है. इस मामले में बोर्ड ने प्रस्ताव पारित कर वाहनों को चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गयी है. इसलिए इस विषय में अधिकारी ही कोई जवाब दे सकेंगे.

Gaya Nagar Nigam के विकास शाखा कार्यालय में खड़ा स्वीपिंग मशीन, हो रहा खराब

क्या कहती हैं नगर आयुक्त

यह सारा खरीद मेरे यहां ज्वाइन करने से पहले की है. शव वाहन के बारे में चलाने की व्यवस्था सदर हॉस्पिटल से टाइअप करके की जायेगी. पहले शववाहन को चलाने लायक बनाने के लिए मरम्मत करनी होगी. इस काम को जल्द पूरा कर लिया जायेगा. शववाहन को चलाने के लिए इसके सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

अभिलाषा शर्मा, नगर आयुक्त

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >