Gayaji News: (गयाजी से कलेन्द्र प्रताप की रिपोर्ट )
मगध विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पीएटी (पीएचडी एडमिशन टेस्ट) के लिए आवेदन कर चुके छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है. राज्य सरकार द्वारा नामित सीनेट सदस्य डॉ. रूपेश कुमार ने कुलाधिपति से मांग की है कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही पीएटी के लिए आवेदन कर दिया है, उन्हें परीक्षा में शामिल होने का एक अंतिम अवसर दिया जाए.
पीएचडी की तैयारी कर रहे छात्रों में बढ़ी चिंता
डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापन को करियर बनाने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए पीएचडी बेहद महत्वपूर्ण है. मगध विश्वविद्यालय ने पीएटी के माध्यम से पीएचडी कोर्सवर्क में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और 31 मई 2026 को परीक्षा प्रस्तावित थी. बाद में छात्रों के अनुरोध पर आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी गई थी.
नए आदेश से बदल गई पूरी स्थिति
इसी बीच एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि यदि अब तक पीएटी परीक्षा आयोजित नहीं हुई है तो उसे रद्द कर दिया जाए. साथ ही भविष्य में केवल नेट (NET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पीएचडी कोर्सवर्क में प्रवेश का अवसर दिया जाएगा. इस आदेश के बाद पीएटी की तैयारी कर रहे छात्रों में निराशा का माहौल बन गया है.
फॉर्म भर चुके छात्रों के साथ न्याय की मांग
सीनेट सदस्य डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि जिन छात्रों ने पीएटी के लिए आवेदन किया है और परीक्षा की तैयारी में समय और संसाधन लगाए हैं, उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कुलाधिपति से आग्रह किया कि ऐसे अभ्यर्थियों को एक बार परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए.
आगे से नेट के आधार पर हो सकता है प्रवेश
डॉ. रूपेश ने सुझाव दिया कि भविष्य में पीएचडी कोर्सवर्क में प्रवेश नेट स्कोर के आधार पर लिया जा सकता है. लेकिन वर्तमान में आवेदन कर चुके छात्रों को राहत देना छात्रहित में आवश्यक है. उन्होंने कहा कि पहले से जारी प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव से छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए.
अन्य विश्वविद्यालयों का भी दिया उदाहरण
उन्होंने कहा कि बिहार के कई विश्वविद्यालयों में पीएटी का आयोजन कर पीएचडी कोर्सवर्क में प्रवेश दिया गया है. ऐसे में मगध विश्वविद्यालय के छात्रों को भी एक अंतिम अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि कुलाधिपति छात्रहित को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगे.
छात्रों की निगाहें अब कुलाधिपति के फैसले पर
पीएटी फॉर्म भर चुके अभ्यर्थी अब कुलाधिपति के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं. छात्रों का मानना है कि यदि उन्हें एक अंतिम मौका मिलता है तो उनकी मेहनत और तैयारी व्यर्थ नहीं जाएगी. वहीं विश्वविद्यालय में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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