गयाजी से रोशन कुमार की रिपोर्ट
Gayaji News: गयाजी में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की अत्याधुनिक बस में आग लगने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. 16 मई को गया एयरपोर्ट के पास हुई इस घटना में परिवहन निगम ने बस की मरम्मत करने वाली एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. मामले में डोभी स्थित एजेंसी पर 44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और मगध मेडिकल थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है.
एयरपोर्ट के पास चलते-चलते बस में लगी थी आग
16 मई को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की एक आधुनिक बस गया एयरपोर्ट के पास अचानक धुएं से भर गई थी. देखते ही देखते बस में आग लग गई और पूरा वाहन जलकर खाक हो गया. घटना के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और अब परिचालन योग्य नहीं रही.
इंजेक्टर खराबी के बाद एजेंसी को भेजी गई थी बस
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष कुमार पांडेय के अनुसार बस में इंजेक्टर संबंधी तकनीकी खराबी आने के कारण 30 मार्च को उसे टाटा मोटर्स की अधिकृत एजेंसी, डोभी स्थित मां मुंडेश्वरी प्राइवेट लिमिटेड के पास मरम्मत के लिए भेजा गया था. 15 अप्रैल को एजेंसी ने मरम्मत पूरी होने की सूचना दी थी.
मरम्मत के बाद लौट रही बस बनी आग का गोला
एजेंसी से बस वापस लाने के लिए चालक अर्जुन वानी को भेजा गया था. जब बस एजेंसी से गया प्रतिष्ठान लाई जा रही थी, तभी एयरपोर्ट के समीप अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में बस आग की चपेट में आ गई. आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस जलकर नष्ट हो गई.
44 लाख रुपये के नुकसान का दावा
परिवहन निगम का कहना है कि इस घटना से विभाग को लगभग 44 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है. आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से बस के अवशेषों को क्रेन की मदद से घटनास्थल से हटाकर गया प्रतिष्ठान परिसर में रखा गया है.
एजेंसी की लापरवाही पर बड़ा एक्शन
निगम ने आरोप लगाया है कि एजेंसी ने बस की मरम्मत में गंभीर लापरवाही बरती. दावा किया गया है कि वाहन की समुचित जांच किए बिना ही उसे परिचालन के लिए सौंप दिया गया, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ. वरीय अधिकारियों की अनुशंसा पर एजेंसी पर 44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
मगध मेडिकल थाने में दर्ज हुई FIR
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के आवेदन के आधार पर मगध मेडिकल थाना में डोभी स्थित मां मुंडेश्वरी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. इस मामले को परिवहन विभाग ने गंभीरता से लिया है. जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि बस में आग लगने के पीछे तकनीकी खामी, मरम्मत में लापरवाही या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था. फिलहाल एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
