गयाजी में बन रहा 4 करोड़ का हाईटेक मॉडल थाना, तस्करों पर कसेगा शिकंजा, डिजिटल निगरानी के साथ मिलेंगी ये खास सुविधाएं

Gayaji News: करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस हाई-टेक थाना का मुख्य उद्देश्य टाटा पावर के सोलर प्रोजेक्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करना है.

Gayaji News: (डोभी से ओमकार सिन्हा का रिपोर्ट)
गयाजी जिले के डोभी प्रखंड स्थित बहेरा में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल थाना का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस हाई-टेक थाना का मुख्य उद्देश्य टाटा पावर के सोलर प्रोजेक्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करना है. पुलिस अधिकारियों ने निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर थाने को जनता के लिए समर्पित करने का लक्ष्य तय किया है.

3 से 4 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा मॉडल थाना

बहेरा थाना परिसर में बन रहे नवनिर्मित मॉडल थाना की अनुमानित लागत लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये आंकी गई है. बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा राज्य के श्रेणी-ए मॉडल थानों के लिए इसी मानक बजट को स्वीकृति दी जाती है. हाल ही में वरीय पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण के बाद निर्माण एजेंसी को कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए होंगी आधुनिक सुविधाएं

नए थाना भवन को जेंडर-फ्रेंडली स्वरूप में विकसित किया जा रहा है. महिला पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक महिला बैरक, अलग चेंजिंग रूम, अत्याधुनिक शौचालय और महिला अधिकारियों के लिए विशेष विश्राम कक्ष बनाया जा रहा है. वहीं पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए पर्याप्त क्षमता वाला बैरक, वाहन चालकों के लिए विश्राम कक्ष और पार्किंग शेड की व्यवस्था भी की जा रही है.

आरओ प्लांट से लेकर 24 घंटे बिजली बैकअप तक की सुविधा

थाना परिसर में पेयजल की शुद्ध व्यवस्था के लिए आरओ प्लांट लगाया जाएगा. इसके अलावा डाइनिंग हॉल, जेनसेट आधारित 24 घंटे बिजली बैकअप और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके.

डिजिटल तकनीक से लैस होगा पूरा थाना परिसर

बहेरा मॉडल थाना को पूरी तरह हाई-टेक बनाया जा रहा है. इसे डिजिटल सीसीटीएनएस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे एफआईआर दर्ज करने और अपराधियों के डाटाबेस तक पहुंचने की प्रक्रिया तेज और आसान होगी. थाना परिसर, हाजत और पूछताछ कक्ष में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रहेगी. साथ ही स्मार्ट रिसेप्शन, हेल्प डेस्क और मानवाधिकार मानकों के अनुरूप आधुनिक लॉक-अप भी बनाए जा रहे हैं.

ओपी से थाना बनने तक का सफर

60 डिसमिल भूमि पर बहेरा ओपी की स्थापना 30 अगस्त 2023 को की गई थी. इसके बाद क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए 30 मार्च 2024 को इसे पूर्ण थाना का दर्जा प्रदान किया गया. अब इसे आधुनिक मॉडल थाना के रूप में विकसित किया जा रहा है.

टाटा सोलर प्रोजेक्ट और IMC गया को मिलेगा सुरक्षा कवच

बहेरा थाना को विकसित करने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ रहे औद्योगिक निवेश और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. विशेष रूप से टाटा पावर के बड़े सोलर प्रोजेक्ट और डोभी में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर (आईएमसी गया) को सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस थाने की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

सीमावर्ती अपराध और तस्करी पर भी रहेगी पैनी नजर

बिहार-झारखंड सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह थाना रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. इसके जरिए मादक पदार्थों की तस्करी, हाईवे लूट, अवैध गतिविधियों और अन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की योजना बनाई गई है. साथ ही 34 गांवों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी.

34 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा बहेरा थाना

बहेरा थाना के अधिकार क्षेत्र में तीन ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 34 राजस्व गांव आते हैं. वर्तमान में यहां तीन सब-इंस्पेक्टर (एसएचओ सहित), एक एएसआई, एक हवलदार, 16 सिपाही, दो वाहन, दो चालक और एक डायल-112 वाहन तैनात हैं. आधुनिक संसाधनों से लैस होने के बाद यह थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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